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Shahjahanpur News: बुखार के बीच व्यवस्थाएं पड़ीं बीमार, वार्ड फुल... एक बेड पर तीन-तीन मरीज भर्ती

Thu, 29 Aug 2024 04:50 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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शाहजहांपुर में राजकीय मे​डिकल कॉलेज की इमरजेंसी में एक बेड पर भर्ती दो मरीज। संवाद
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शाहजहांपुर। बुखार के प्रकोप के बीच जिले में स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाएं बीमार पड़ गई हैं। सीएचसी और पीएचसी में इलाज के बजाय मरीजों को रेफर करने से राजकीय मेडिकल काॅलेज में वार्ड फुल हो गए हैं। संक्रमण के खतरे के बीच इमरजेंसी में एक बेड पर दो से तीन मरीजों को लिटाकर इलाज किया जा रहा है।
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बुधवार को मेडिकल काॅलेज की ओपीडी में 1860 मरीजों ने नए पर्चे बने। पुराने पर्चों पर भी मरीज दिखाने के लिए पहुंचे। डॉक्टर की मानें तो ओपीडी में आने वाला प्रत्येक दूसरा मरीज बुखार से ही ग्रसित है। मलेरिया पॉजिटिव भी रोजाना पांच से दस सामने आ रहे हैं। इमरजेंसी में रोजाना करीब डेढ़ सौ मरीज आ रहे हैं। इसमें अधिकतर खांसी, जुकाम-बुखार से पीड़ित हैं। ऐसे में दो या तीन मरीजों को एक बेड पर लिटाकर उपचार किया जा रहा है। जगह कम होने पर स्ट्रेचर पर भी मरीजों को लिटाया जा रहा है।

राजकीय मेडिकल कॉलेज में मलेरिया के रोगियों के लिए अलग से 20 बेड के वार्ड का इंतजाम किया गया है। बेड पर मच्छरदानी आदि भी लगवाई गई हैं। डॉक्टर के अनुसार, मलेरिया का रोग अभी घातक स्थिति में नहीं है।
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80 जांचों में सात मलेरिया के रोगी, आंकड़ों में मात्र 271 रोगी

-स्वास्थ्य विभाग मलेरिया के आंकड़ों में खेल कर रहा है। एक सप्ताह पहले 269 मलेरिया के रोगी बताए गए थे। मलेरिया के पांच से छह मरीज रोजाना राजकीय मेडिकल कॉलेज में निकल रहे हैं, फिर भी स्वास्थ्य विभाग के अभिलेखों में संख्या नहीं बढ़ रही है। बुधवार को अस्पताल की ओपीडी में 80 मरीजों की जांच की गई। इसमें सात मलेरिया के रोगी सामने आए। निगोही के भनपुरा गांव में 42 मरीजों की जांच में एक मलेरिया पॉजिटिव मिला। जिला मलेरिया अधिकारी राजीव मौर्या ने बताया कि जनवरी से अभी तक 271 मलेरिया के रोगी सामने आए हैं।

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भनपुरा गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम

-निगोही के भनपुरा गांव में बुखार फैलने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भ्रमण किया। यहां पर 40 मरीजों का परीक्षण करते हुए जांच की गई। इनमें एक मरीज बुखार से पीड़ित मिला है।



कांट सीएचसी में एक बजे के बाद नहीं होती जांच

कांट। मच्छरजनित रोगों के फैलने के बीच कांट सीएचसी में अव्यवस्थाएं हावी हैं। मरीज बेहतर उपचार पाने के स्थान पर परेशान हो रहे हैं। पर्चा काउंटर पर पर्चा बनवाना ही दुश्वारियों से भरा है। एक्स-रे मशीन कक्ष में ताला पड़ा रहता है। महिला व पुरुष शौचालय के दरवाजे तक टूटे पड़े हैं। उन्हें सही तक नहीं कराया है। बुखार से पीड़ित लोगों को खून की जांच के नाम पर भटकना पड़ता है। एक बजे के बाद पैथोलॉजी में जांच बंद कर देते हैं। ऐसे में मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ता है। पिछले दिनों सीएमओ ने निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए निर्देशित किया था। फिर भी सुधार नहीं किया है।


-1860 मरीजों ने ओपीडी में बुधवार को नया पर्चा बनवाया।

-390 मरीज राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराए गए।

-224 शिविर अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न स्थानों पर लगाए हैं।



-बुखार की सूचना आने पर तुरंत ही टीम को भेजा जाता है। बुधवार को निगोही के भनपुरा और शहरी क्षेत्रों में अभियान चलाया गया। वर्तमान में 271 मलेरिया के रोगी मिले हैं।
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राजीव मौर्या, जिला मलेरिया अधिकारी

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सीमित संसाधनाें में मरीजों का उपचार चल रहा है। जगह का अभाव है। फिर भी मलेरिया के रोगियाें के लिए 20 बेड के अतिरिक्त वार्ड की व्यवस्था की गई है।

डॉ.राजेश कुमार, प्राचार्य-राजकीय मेडिकल कॉलेज
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