विश्व रक्तदान दिवस 14 जून को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से जिला अस्पताल ब्लड बैंक में सुबह नौ बजे से स्वैच्छिक रक्दान शिविर लगाया जाएगा। इसमें अमर उजाला के लोगों के अलावा समाज सेवी भी रक्तदान करेंगे। इस दौरान अमर उजाला रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित करेगा। इस संबंध में किसी भी जानकारी के लिए आप हमारे नंबर 9675898217 पर संपर्क कर सकते हैं।
रक्तदान करने से कई लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। लोगों में गलतफहमी है कि नियमित ररक्तदान करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आती है। यह भ्रम लोगों में इस कदर फैला है कि लोग अपनों के लिए रक्तदान करने में भी सिहर जाते हैं।
विश्व रक्तदान दिवस लोगों में इस भ्रांति को दूर करता है साथ रक्तदान लोगों से खून का रिश्ता जोड़ देता है। विश्व रक्तदान दिवस पर तमाम स्वयं सेवी संस्थाओं के रक्तवीर आगे आकर रक्तदान करते हैं। यही कारण है कि शाहजहांपुर जिले की जोनल ब्लड बैंक का रक्त कोष कभी न्यूनतम स्तर पर नहीं जाता है। यहां कई नियमित रक्तदाता रक्तदान करने आते हैं तो रिलायंस, लायंस क्लब जैसी संस्थाएं वर्ष में दो बार रक्तदान करती हैं। इतना ही नहीं यह संस्थाएं 15 से 20 यूनिट रक्त का दान एक बार में करती हैं।
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कौन कर सकता है रक्तदान
रक्तदान कौन कर सकता है। इस बारे में जिला अस्पताल ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. शबाहत हुसैन ने बताया कि सामान्यत: उसी व्यक्ति का रक्त लिया जाता है जो स्वस्थ हो। कोई भी स्वस्थ व्यक्ति जो 18 से 60 वर्ष का हो, उसका वजन 45 किलोग्राम से अधिक हो। उसे एचआईबी, हेपेटाइटिस बी जैसी बीमारी न हो। हीमोग्लोबिन 12.5 से अधिक हो। वह खून दे सकता है। इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि खून देने वाले ने कम से कम 12 सप्ताह पहले रक्त न दिया।
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रक्तदान के फायदे
मनुष्य के शरीर में रक्त बनने की प्रक्रिया हमेशा चलती रहती है। एक बार में 350 मिलीग्राम रक्त दिया जाता है, जिसकी पूर्ति शरीर में 24 घंटे में हो जाती है। गुणवत्ता की पूर्ति भी 21 दिन में हो जाती है। जो व्यक्ति रक्तदान करते हैं उन्हें हृदय संबंधी रोग नहीं होते हैं। हमारे रक्त की संरचना ऐसी होती है कि लाल रक्त कोशिकाएं तीन माह में स्वयं मर जाती हैं। ऐसे में स्वस्थ व्यक्ति को हर तीन माह में रक्तदान करना चाहिए।
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- जेएसवाई प्रसूता, एचआईवी, थैलीसीमिया मरीजों से रक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा
अभी तक जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं को रक्त देने के लिए के लिए सरकारी चार्ज 400 रुपये लिया जाता था। यही चार्ज एचआईवी और थैलीसीमिया के मरीजों से लिया जाता था। पर सरकार ने नियमों में बदलाव कर अब इन मरीजों से रक्तचार्ज नहीं लेने का निर्देश दिया है। इससे इन मरीजों को काफी राहत मिली है।
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रक्तदान कोई भी स्वस्थ मनुष्य कर सकता है कि क्योंकि रक्तदान करने से नई ऊर्जा का संचार होता है। रक्त दान करने से नई रेड ब्लड सेल्स को निर्माण होता है। रक्तदान की रिकवरी 24 घंटे में हो जाती है। रक्तदान जरूर करें क्योंकि रक्त किसी लैब में नहीं बनता, यह एक दूसरे के देने से ही मिलता है।
डॉ. शबाहत हुसैन
रक्त कोष प्रभारी, जोनल ब्लड बैंक जिला अस्पताल