नीले ड्रम में मिली थी लाश, पति के साथ आरोपी लक्ष्मी
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खैरथल एसपी मनीष चौधरी ने बताया कि किशनगढ़ बास की आदर्श विहार कॉलोनी में 15 अगस्त की रात पत्नी लक्ष्मी और उसके प्रेमी जितेंद्र शर्मा ने हंसराम को जमकर शराब पिलाई। जब वह नशे में धुत हो गया तो उसकी तकिए से मुंह दबाकर हत्या कर दी।
एसपी ने बताया कि हंसराम को दोनों के अवैध संबंध के बारे में पता चल गया था। इस वजह से वह पत्नी से मारपीट करता था। पुलिस पूछताछ में लक्ष्मी ने बताया है कि मेरठ में हुए बहुचर्चित नीले ड्रम हत्याकांड से आइडिया लेकर उसने पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी।
तीनों साथ बैठकर करते थे शराब पार्टी
एसपी ने बताया है कि हंसराम और जितेंद्र शर्मा करीब 4-5 माह पहले ईंट-भट्ठे पर संपर्क में आए थे। लक्ष्मी, हंसराम और जितेंद्र तीनों एक साथ बैठकर शराब पीते थे। इसी बीच दोनों के बीच अवैध संबंध बन गए। डेढ़ माह पहले जितेंद्र दोनों को अपने घर ले गया और रहने के लिए किराये पर कमरा दे दिया था। तीनों यहां भी अक्सर साथ बैठकर शराब पार्टी करते थे।
हत्यारोपी लक्ष्मी और उसके प्रेमी को भेजा गया जेल
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क्राइम सीन किया जाएगा रीक्रिएट
एसपी मनीष चौधरी ने बताया कि शुरुआती जांच में शव को धारदार हथियार से काटने की पुष्टि नहीं हुई है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलेगा कि शरीर पर बने जख्म नमक के हैं या धारदार हथियार के। घटनास्थल से बरामद नीले रंग का ड्रम, एक धारदार फरसा और शव को ढकने वाली चादर को सबूत के रूप में जब्त किया गया है। दोनों को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएट किया जाएगा।
हत्यारोपी जितेंद्र और लक्ष्मी
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बेटे ने सुनाई आंखों देखी वारदात
लक्ष्मी और उसका प्रेमी जितेंद्र जब हंसराम का बेरहमी से कत्ल कर रहे थे तब हंसराम के मासूम बच्चे घटनास्थल पर ही मौजूद थे। हंसराम के मासूम बेटे ने मां और उसके प्रेमी के हाथों अपने पिता का कत्ल होते देखा था। पुलिस ने जब बेटे से पिता की मौत के बारे में पूछा तो मासूम ने एक-एक घटनाक्रम विस्तार से बताया, जिसे सुनकर पुलिसकर्मियों के भी होश उड़ गए।
इसी ड्रम में मिली थी हंसराम की लाश
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मासूम बेटे ने बताया, 15 अगस्त की रात को घर में खूब झगड़ा हुआ था। पापा (हंसराम) छत पर बैठे थे और मम्मी से झगड़ा कर रहे थे। तभी अंकल (जितेंद्र) नीचे से आए। पापा ने कहा, जाओ शराब ले आओ। इस पर अंकल शराब ले आए। फिर उन्होंने शराब पी। इसके बाद पापा मम्मी से झगड़ा करने लगे।
अंकल ने पापा से कहा, क्यों मार रहा है। तब पापा ने अंकल को मारने के लिए लोहे का औजार उठा लिया। तभी मम्मी ने पापा को पीछे से पकड़ लिया और लड़ाई और बढ़ गई। अंकल ने पापा को नीचे गिराया और तकिए से उनका मुंह दबा दिया। मम्मी ने पापा के पैर पकड़ लिए थे। मासूम बेटे ने बताया कि अगले दिन 16 अगस्त की सुबह करीब 9:30 बजे पापा को अंकल ड्रम में डाल रहे थे। मुझे देखकर अंकल बोले-रात में तुम्हारे पापा काफी झगड़ा कर रहे थे। मजबूर होकर तेरे पापा को मारना पड़ा।
आरोपी लक्ष्मी और उसका प्रेमी
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जितेंद्र के पिता को हो गया था शक, पुलिस शिकायत की दी थी धमकी
घटना के बाद जितेंद्र के पिता राजेश ऊपर आए थे। उन्होंने पूछा था कि हंसराम कहां है? इस पर जितेंद्र ने बताया था कि वह दिल्ली गया है। राजेश को बेटे पर शक हो गया था। उन्होंने कहा था कि तू झूठ बोल रहा है। मुझे विश्वास नहीं है। पुलिस में रिपोर्ट करनी की भी धमकी दी थी। इसके बाद जितेंद्र, लक्ष्मी और उसके तीनों बच्चों को बाइक पर बैठाकर भाग निकला था। 17 अगस्त को जितेंद्र की मां मिथिलेश ने ड्रम में बदबू आने पर पुलिस को खबर दी थी। फिलहाल तीनों बच्चों को हसंराम के परिवार को सौंप दिया गया है।
परिवार के साथ हंसराम (फाइल)
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हंसराम के पिता बोले-बहू को कड़ी से कड़ी सजा मिले
मंगलवार सुबह हंसराम के पिता शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए हॉस्पिटल पहुंचे तो रोने लगे। बोले-बहू ने अपराध किया है। उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। बताया कि बेटे को जिस तरह से मारा गया है, हम सब हैरान हैं। लड़ाई झगड़ा किसके घर में नहीं होता है। बहू के चरित्र पर पहले से ही शक था।
मृतक हंसराम का फाइल फोटो, दूसरी तस्वीर में पति के साथ आरोपी पत्नी
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भाई बोला- भाभी रील बनाती थी, घर में झगड़े होते थे
हंसराम का छोटा भाई गौतम कश्यप यूपी से किशनगढ़बास पहुंचा। गौतम ने बताया कि करीब 4-5 माह पहले उसका भाई और भाभी अपने बच्चों के साथ शाहजहांपुर से किशनगढ़बास में ईंट-भट्ठे पर काम करने आए थे।गौतम बोला, भाभी का स्वभाव ठीक नहीं था। किशनगढ़बास आने के बाद वह रील भी बनाती थी, जिस पर पति-पत्नी के बीच झगड़े होते रहते थे। बताया, 9 अगस्त को भाई से उसकी आखिरी बार बात हुई थी। तब भाई ने कहा था कि वह खैरथल में काम करेगा। भाई ने लक्ष्मी को फोन पर बात करने के लिए कहा था लेकिन उसने कॉल काट दिया था। इसके बाद से दोनों भाइयों की बातचीत नहीं हुई।
लक्ष्मी प्रेमी का करते दिखी बचाव-बोली-पति मार रहा था, जितेंद्र ने बचाया
पुलिस हिरासत में भी लक्ष्मी अपने प्रेमी जितेंद्र का बचाव करते नजर आई। बोली, घटना के दिन पति हंसराम उसे मार रहा था। जितेंद्र बचाने के लिए आया था। इसी दौरान दोनों में लड़ाई हो गई और हंसराम की चोट लगने से मौत हो गई।
-हंसराम हत्याकांड में लक्ष्मी और जितेंद्र के बीच अवैध संबंधों की बात सामने आई है। इसी बात को लेकर पति-पत्नी में झगड़ा हुआ था, जिसके बाद हत्या की साजिश रची गई। पुलिस आरोपियों से और पूछताछ कर रही है। -मनीष चौधरी, खैरथल, एसपी मनीष चौधरी