- 60 वर्ष तक की महिलाओं को निशुल्क सफर कर रहा रोडवेज, शाहजहांपुर डिपो में प्रतिदिन पांच सौ से ज्यादा महिलाएं करतीं यात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। लोकमाता अहिल्याबाई मातृ शक्ति योजना में 60 या उससे अधिक आयु की महिलाओं के निशुल्क सफर में उम्र का पेंच फंस रहा है। कई महिलाएं आधारकार्ड लेकर नहीं चलतीं या फिर केवल फोटाकॉपी रख लेती हैं। साथ ही वातानुकूलित बसों में भी चढ़ने से परिचालकों व महिलाओं में रोजाना ही नोकझोंक होती है। शाहजहांपुर डिपो की बसों में प्रतिदिन पांच सौ से ज्यादा महिलाएं सफर कर रही हैं।
बुजुर्ग महिलाओं को मुफ्त सफर की सौगात की घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी। 30 अगस्त से योजना का आगाज हुआ। शुरुआती दिनों में प्रचार-प्रसार के अभाव में सफर करने वाली महिलाएं काफी कम थी, लेकिन उसके बाद संख्या बढ़ती गई। 23 सितंबर तक 4252 महिलाओं ने निशुल्क यात्रा की, जिसका किराया 360496 रुपये बना है।
रोडवेज की बसों में परिचालकों के सामने काफी दुश्वारी आ रही है। केंद्र के सहायक प्रभारी विनोद मिश्रा बताते हैं कि बसों में महिलाएं असली आधार कार्ड देने के बजाय फोटो कॉपी उपलब्ध करा देती हैं। इसमें आयु में फेरबदल की संभावना रहती है। ऐसे में परिचालकों के सामने दिक्कत आती है। कई बार महिलाएं आधार कार्ड लेकर ही नहीं आतीं। दूसरी ओर एसी बस सेवा में भी महिलाएं चढ़कर योजना का लाभ लेने का प्रयास करती हैं। ऐसे में परिचालकों को काफी दुश्वारियों से दो-चार होना पड़ता है।
केस एक
-कांट की रामलली बरेली से शाहजहांपुर आने के लिए एसी बस में सवार हो गई। परिचालक ने टिकट मांगा तो आधार कार्ड बढ़ा दिया। परिचालक ने एसी बस में फ्री सफर से इन्कार किया तो बहस होने लगी। बमुश्किल महिला को समझाकर शांत किया गया।
केस दो
-शहर के जलालनगर मोहल्ले की रहने वाली शाहिन बेगम बस में फ्री जाने के लिए सवार हो गईं। आधार कार्ड मांगा तो फोटो काॅपी दे दी। इसे परिचालक ने मानने से इन्कार कर दिया। इसके बाद उन्हें बस से उतार दिया गया।
रोडवेज की बसों में महिलाओं को फ्री सफर कराया जा रहा है। प्रतिदिन पांच सौ से ज्यादा महिलाएं सफर करती हैं। महिलाएं असली आधार कार्ड लेकर चले, जिससे उसका नंबर अंकित करने में आसानी हो।
- अरुण कुमार, एआरएम