दालों पर छाई महंगाई से परेशान लोगों के लिए लगाएं गए दालों के स्टॉलों पर खूब दाल बिकी। ये स्टॉल व्यापार मंडल कंछल गुट की ओर से लगाएं गए। मंगलवार को पहले दिन लगे पांचों स्टॉलों पर विभिन्न श्रेणियों की कुल 25 क्विंटल दाल शाम तक बिक गई।
खुले मार्केट से बेहतर क्वालिटी व दाम वाजिब होने के कारण स्टालों पर सुबह नौ बजे से ग्राहक उमड़ने लगे। अरहर दाल की मांग अधिक देख प्रति व्यक्ति दो किलो दाल बिक्री की गई। प्रत्येक स्टाल पर औसतन पांच क्विंटल दाल बिकी। खास यह रहा कि स्टालों पर कीमत कम होने से खुले बाजार में भी अरहर के भाव घट गए। इससे पहलेे, संगठन के नगर अध्यक्ष सचिन बाथम ने अन्य पदाधिकारियों के साथ विभिन्न स्टालों पर जाकर दालों की बिक्री का शुभारंभ कराया। सुबह 9 बजे से ही दाल खरीदने वालों की भीड़ शुरू हो गई। गत सप्ताह खुले बाजार में अरहर दाल के भाव 180 से 200 रुपये किलो तक पहुंच गए थे। अरहर के समानांतर उड़द, मसूर, चना आदि दालों के भाव भी उछाल खाने लगे। इसे देखते कंछल गुट के प्रदेश अध्यक्ष ने सभी जिला व नगर इकाइयों से जनता को सस्ती दरों पर दाल उपलब्ध कराने के लिए दाल मिल मालिकों और स्टाकिस्टों के सहयोग से स्टाल लगाने का आह्वान किया था। प्रांतीय नेतृत्व की मंशा पर अमल करते हुए संगठन के पदाधिकारियों ने मंगलवार से शहर में पांच स्टालों पर दालों की बिक्री शुरू कराई। इस दौरान अमित शर्मा अनूप गुप्ता, पंकज गुप्ता, कंचन गुप्ता, विजय बियानी, संजीव गुप्ता, अभय गुप्ता आदि बाथम के साथ रहे। स्टालों पर अरहर दाल 140 रुपये किलो, उड़द 110 रुपये, मसूर 80 रुपये और चना दाल 60 रुपये किलो के भाव उपलब्ध कराई गई।
अभी और गिरेंगे दामों के दाम: डीएसओ
जिला आपूर्ति अधिकारी बृजेश कुमार शुक्ला के अनुसार, कोटेदारों से कहा गया है कि थोक रेट में कमी होने पर दालों के फुटकर रेट भी बाजार की तुलना में कम रखें। उन्होंने कहा कि अरहर 120 रुपये किलो के थोक रेट में और कमी आने की उम्मीद है। डीएसओ ने स्पष्ट किया कि कोटेदारों को आपूर्ति विभाग से दालों का कोटा आवंटित नहीं किया गया बल्कि उनसे जनहित में दालें थोक में खरीदकर रियायती मूल्य पर बिक्री करने को कहा गया है।