शाहजहांपुर। भारतीय किसान यूनियन के टिकैत गुट और भारतीय किसान मजदूर यूनियन (राष्ट्रवादी) के पदाधिकारियों ने शनिवार को पीडब्लूडी के गेस्ट हाउस परिसर में प्रदर्शन कर धरना दिया। बाद में कृषि विधेयकों की वापसी की मांग को लेकर उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया। पुवायां और तिलहर में भी किसान संगठनों ने प्रदर्शन कर ज्ञापन दिए।
भाकियू टिकैत गुट की ओर से प्रधानमंत्री के नाम दिए ज्ञापन में कहा गया है कि किसानों द्वारा कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर गत दो माह से धरना किया जा रहा है, लेकिन सरकार के कानों तक किसानों की आवाज नहीं पहुंच रही है। दिल्ली में धरने के दौरान तमाम किसानों की मौत हो चुकी है। इसलिए सरकार जल्द से जल्द तीनों कृषि कानून वापस लेकर एमएसपी को कानूनी जामा पहनाए। धरना प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह धालीवाल, गुरमेल सिंह, नन्हें लाल, ज्ञानेंद्र सिंह चौहान, मीरा देवी, बाबूराम गौतम, रामसागर वर्मा, राम निवास आदि शामिल रहे।
उधर, भाकिमयू राष्ट्रवादी के जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व मेें कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। ज्ञापन में तीनों कृषि विधेयक तत्काल वापस लेने, किसानों के हित में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने, प्रदेश में बिजली के बढ़े दाम वापस लेने, क्रय केंद्रों पर खरीदे गए धान का किसानों को भुगतान करने, गन्ने का बकाया भुगतान कराने आदि मांगें शामिल हैं। प्रदर्शन में ब्रजमोहन गौतम, सुखपाल सिंह, महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष क्रांति सिंह, अनिल सिंह आदि शामिल रहे।
सीपीआई और वीपीआई ने किया किसानों का समर्थन
शाहजहांपुर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) और वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल (वीपीआई) ने कृषि कानूनों के विरोध मेें धरना-प्रदर्शन कर रहे किसानों का समर्थन किया है। शनिवार को दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं को लेकर सीपीआई की जिला कौंसिल के सह सचिव रामशंकर लाल ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। बाद में उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को दोनों पार्टियों की ओर से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम संयुक्त ज्ञापन दिया। प्रदर्शन में वीपीआई के मंडल प्रभारी सुरपति सिंह, जिला प्रभारी राम निवास वर्मा, महिला प्रकोष्ठ की जिला प्रभारी रिंकी देवी, सुनीता देवी, आरती यादव, राजेश्वरी कश्यप, रामनरेश, धर्मपाल सिंह आदि शामिल रहे।
पुवायां और सिंधौली मेें कृषि कानूनों पर गरजे किसान
पुवायां। कृषि कानूनों के विरोध में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली में चक्का जाम वापस लेने के बाद शनिवार को किसान संगठनों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपे। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
भाकियू टिकैत गुट की ओर से तहसील अध्यक्ष अनिल सिंह यादव के नेतृत्व में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम दशरथ कुमार को सौंपा गया। ज्ञापन में तीनों कृषि कानून वापस लेने, एमएसपी पर कानून बनाने, आंदोलन समय में किसानों पर दर्ज रिपोर्ट वापस लेने, गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर झंडा लगाने वालों को तत्काल जेल भेजे जाने की मांग की गई है। ज्ञापन देने के समय नीरज वर्मा, श्रीकृष्ण जाटव, रामलखन वर्मा, वीरेंद्र शर्मा, प्रदीप कुमार, नीलेश कुमार, जयसिंह सहित तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उधर भारतीय किसान यूनियन किसान सरकार की ओर से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया। ज्ञापन में कृषि कानून वापस लेने की मांग की गई है। ज्ञापन पर प्रदेश अध्यक्ष पवन कश्यप, फिरोज खां, ब्रजेश पांडे, बागेश कुमार पांडे आदि के हस्ताक्षर हैं। भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रीयतावादी के जिला अध्यक्ष नरेंद्र यादव के नेतृत्व में गुलजार सिंह, हरीराम वर्मा, गुरूप्रीत सिंह, मोहम्मद आसिम अली मंसूरी ने कृषि कानून वापस लेने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। भारतीय किसान मजदूर यूनियन राष्ट्रवादी के तहसील अध्यक्ष भारत सिंह यादव के नेतृत्व में भी एसडीएम को ज्ञापन देकर कृषि कानून वापस लेने की मांग की गई। ज्ञापन देने के समय महेशचंद्र वर्मा, प्रयागदत्त, शिवकुमार, संतोष कुमार, सोनवीर सिंह, विमलेश कुमार आदि मौजूद रहे। भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रीयतावादी की ओर से सिंधौली कोतवाली में सीओ नवनीत कुमार नायक और एसडीएम दशरथ कुमार को ज्ञापन दिया गया।
तिलहर में किसानों ने पंचायत कर दिया ज्ञापन
तिलहर। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने कृषि कानून के विरोध में शनिवार को पंचायत कर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार तृप्ति गुप्ता को देते हुए कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग की। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के आह्वान पर यूनियन के तमाम कार्यकर्ता नगर पालिका के कम्युनिटी ग्राउंड में एकत्र हुए। वहां पंचायत को संबोधित करते हुए जिला प्रवक्ता आदित्य प्रताप लोधी ने कहा केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे तीनों कृषि कानून किसानों को बर्बाद करने के लिए बनाए गए हैं। उन्होंने तीनों कानूनों को रद्द करने, एमएसपी को कानूनी दायरे में लाने, एमएसपी के नीचे खरीद करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने, 26 जनवरी को लाल किले पर देश को शर्मसार करने वाली घटना के आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने, गिरफ्तार किए गए निर्दोष किसानों को छोड़े जाने की मांग की। इस दौरान यूनियन कार्यकर्ता गेंदन लाल वर्मा, नरबीर सिंह, चरण लाल वर्मा, प्रतिपाल राजपूत, श्रीनिवास प्रजापति, रामशरण, विजेंद्र सिंह, हेतराम ,राजपाल सिंह आदि मौजूद रहे।