शाहजहांपुर। कोरोना आपदा के दौर में हर वर्ग आय घटने की वजह से परेशान है। किसानों का पिछले दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि ने भी परेशान किया। किसी तरह गेहूं तैयार हुआ तो अब सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों का शोषण किया जा रहा है। सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 1925 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने के साथ किसानों से 20 रुपये क्विंटल छनाई और उतरवाने का शुल्क लेने के निर्देश दिए हैं। मगर इसकी आड़ क्रय केंद्रों पर उनकी जेब काटी जा रही है और किसानों से 40-50 रुपये प्रति क्विंटल अवैध वसूली हो रही है। रकम नहीं देने पर किसानों को गेहूं में नमी ज्यादा होने, उपज काली पड़ने, रजिस्ट्रेशन नहीं होने जैसे बहाने बनाकर केंद्रों से टरकाया जा रहा है। क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने को पहुंच रहे किसान यह परेशानी बयां कर रहे हैं लेकिन खाद्य एवं विपणन विभाग इससे अनजान बना है। यही वजह है कि अब तक क्रय केंद्रों पर 2.73 लाख टन लक्ष्य के सापेक्ष बमुश्किल 28 फीसदी खरीद हो पाई, जबकि गल्ला आढ़तों पर इससे कई गुना गेहूं बिक चुका है।
पिछले साल जिले को 2,70,500 टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला था और विभिन्न क्रय एजेंसियों को 211 सेंटर स्वीकृत किए गए थे। यही नहीं, खरीद सत्र के शुरुआती डेढ़ माह में सिर्फ 65 फीसदी (1.75 लाख टन) गेहूं खरीद हो सकी लेकिन इसी अवधि में मंडियों की आढ़तों पर कई गुना अधिक गेहूं बिक गया। इस बार खरीद लक्ष्य 2500 टन बढ़ने पर डीएम ने विभिन्न क्रय एजेंसियों को 174 क्रय केंद्र स्वीकृत किए। कोरोना के प्रकोप को देखते सरकारी खरीद 15 दिन देर से शुरू हुई। इस कारण तमाम किसानों ने अगली फसल के लिए रकम की जरूरत को देखते अपनी उपज मंडियों में गल्ला आढ़तों पर 1700-1800 रुपये क्विंटल के भाव बेचनी शुरू कर दी। बाद मेें क्रय केंद्र चालू हुए तो वहां से किसानों को टरकाने का सिलसिला चालू हो गया और अब अवैध वसूली का सिलसिला शुरू हो गया है। 20 रुपये क्विंटल छनाई और उतरवाने का शुल्क लेने की आड़ में किसानों से 40-50 रुपये प्रति क्विंटल अवैध वसूली हो रही है।
गेहूं खरीद के अभिलेखों का रखरखाव निरीक्षण में ठीक नहीं पाए जाने पर संबंधित केंद्र प्रभारियों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। कांट साधन सहकारी समिति केंद्र और मदनापुर क्षेत्र के गांव लस्करपुर स्थित क्रय केंद्र प्रभारी को निलंबित किया जा चुका है। किसानों को शुरुआत में रजिस्ट्रेशन कराने में थोड़ी दिक्कतें हुईं लेकिन अब कोई समस्या नहीं है। कंट्रोल रूम पर केंद्र प्रभारियों द्वारा अवैध वसूली करने के संबंध में किसानों से अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है लेकिन ऐसे मामले संज्ञान में आने पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। - कमलेश पांडेय, प्रभारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी