केंद्रीय श्रम संगठनों द्वारा सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध में बुधवार को की गई एक दिवसीय हड़ताल से जिले में बैंक, बीमा, रोडवेज, निजी परिवहन आदि क्षेत्रों से जुड़ी सार्वजनिक सेवाएं दिन भर अस्त-व्यस्त रहीं। जिससे जन सामान्य के लोग खासे प्रभावित हुए। तमाम बैंक शाखाओं में ताले झूलते रहे और रोडवेज बसों को रवाना करने के लिए पुलिस का सहारा लेना पड़ा।
इस बीच, राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस और जिला असंगठित मजदूर यूनियन के कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। रेलवे स्टेशन पर नरमू से जुड़े रेलकर्मियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्राइवेट बस यूनियन ने निगोही, हरदोई रूट की बसों का चक्का जाम किया। मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन के सदस्यों ने शहर में बाइक रैली निकाली।
असंगठित श्रमिकों ने जुलूस निकाला, मांगा न्यूनतम वेतन
राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस और उसके प्रमुख घटक असंगठित मजदूर यूनियन से जुड़े श्रमिकों ने इंटक के जिलाध्यक्ष पवन सिंह और मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष मोहम्मद खुर्शीद के संयुक्त नेतृत्व में शहर के विभिन्न रास्तों से जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।
श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों ने केंद्र व राज्य सरकारों की मजदूर विरोधी नीतियों को निशाने पर लेते हुए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संस्थानों-कारखानों में न्यूनतम मजदूरी कानून कड़ाई से लागू करके कम से कम 15 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिए जाने की मांग की। बाद में दोनों संगठनों की ओर से प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर स्थायी कामों के लिए ठेका सीमा बंद किए जाने, ठेका मजदूरों को नियमित श्रमिकों के समान वेतन देने, बोनस और प्रोविडेंट फंड की अदायगी से सभी सीमाएं हटाए जाने, सभी श्रमिकों की पेंशन सुनिश्चित करने, महंगाई पर रोक लगाने को ठोस कार्य योजना बनाने आदि मांगों का उल्लेख है। प्रदर्शन में राकेश सिंह, आफताब अहमद, विनय श्रीवास्तव, टीकाराम यादव, देशराज, बालगोविंद यादव, हरीराम, शांति स्वरूप, मतलूब अली, शशि मोहन, आशा देवी, इकबाल अहमद, पेशकार, शान मोहम्मद, जगपाल, सईद अहमद आदि पदाधिकारियों ने श्रमिकों का नेतृत्व किया।
रोडवेज बसों का इंपलाइज यूनियन ने किया चक्का जाम
श्रम संगठनों की हड़ताल में रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की हिस्सेदारी नहीं होने के बावजूद विभागीय इंपलाइज यूनियन ने श्रमिक संगठनों का साथ देते हुए हड़ताल में न केवल सक्रिय भागीदारी निभाई, सुबह से रोडवेज बसों का चक्का जाम करना शुरू कर दिया। इसके लिए यूनियन के पदाधिकारियों ने प्रांतीय आह्वान पर बसे रोड पर नहीं भेजने की रणनीति मंगलवार की शाम को तैयार कर ली। पूर्व योजना के तहत शाखा अध्यक्ष रिजवान खां और शाखा मंत्री अरविंद राय ने ट्रैफिक शाखा के अध्यक्ष राजन सिंह को रोडवेज कार्यशाला से कोई बस बाहर नहीं निकलने देने का दायित्व सौंपा।
इस निर्देश पर अमल शुरू होते ही सुबह से फर्रुखाबाद, गोला, पलिया आदि रूट के यात्रियों को बसें मिलने में दिक्कत होने लगी। यूनियन से जुड़े कर्मचारियों ने स्टेशन के सामने से सवारियां ढोने वाले निजी वाहनों को दूर खदेड़ दिया, जिससे यात्रियों को बसों का विकल्प मिलना कठिन हो गया। इस पर सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक आरके वर्मा ने पुलिस बुला ली। पुलिस की मदद से वर्कशॉप से स्टेशन लाई गई बसों को नियत मार्गों पर रवाना किया गया, जिसपर यूनियन का गुस्सा फूट पड़ा। पदाधिकारियों के नेतृत्व में यूनियन से जुड़े कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एआरएम वर्मा के अनुसार शाम पांच बजे तक हड़ताल प्रभावी रहने के दौरान करीब दो दर्जन बसें रवाना नहीं हो सकीं। इस दौरान यूनियन के कार्यशाला अध्यक्ष मनोज सिंह, देवेंद्र सिंह, मतलूब खां, अफरोज मेंहदी, आरिफ खां, सत्यबोध मिश्रा आदि पदाधिकारी हड़ताली कर्मचारियों का हौसला बढ़ाने में जुटे रहे।
प्राइवेट बस चालकों ने किया चक्का जाम
केंद्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर प्राइवेट बस स्टॉफ यूनियन की ओर से हरदोई बस स्टैंड पर प्राइवेट बसों का चक्का भी जाम रखा गया। इससे अधिकांश बसों का संचालन बंद रहा। साथ ही चालकों ने प्रदर्शन किया। चालकों ने कहा कि उन लोगों पर लागू होने वाले केंद्र सरकार के कानूनों को वापस लिया जाए। इस दौरान महफूज खां ने कहा कि यह कानून जनता को भ्रमित करने के लागू किया गया है।
छावनी परिषद बोर्ड के वार्ड मेंबर निशांत यादव यह कानून लागू करने से पहले पब्लिक सर्विस लाइसेंस धारकों को सरकार बेरोजगारी भत्ता दे। यादव ने चालकों से सुरक्षित तरीके से यात्रा करने की अपील भी की। इस दौरान आसिफ अली, गुलशन खां, विक्रांत यादव, प्रशांत यादव, शमशुल, वाहिद अली, दिलबाग, फहीम खां, जमील, महेश, शकील, कमलेश, रामदास, मोनिस, सलमान, सुशील, बादाम आदि तमाम लोग मौजूद रहे।
आयकर विभाग के कर्मचारियों ने नहीं किया काम
केंद्रीय आह्वान पर बुधवार को हुई हड़ताल में शामिल होकर आयकर विभाग के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। आयकर कर्मियों ने कोई भी कार्य नहीं किया। साथ ही 12 सूत्री मांगों को लेकर कार्यालय में तालाबंदी करके बाहर धरने पर बैठे रहे। इस मौके पर आरके शाही, शिवप्रकाश मिश्रा, अभिजीत दास, धर्मेंद्र कुमार, सुरेश बाबू, अशोक सक्सेना आदि मौजूद रहे।
बैंक बंदी से एक अरब का बिजनेस प्रभावित
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को छोड़कर अन्य बैंक शाखाएं बंद रहने की वजह से जिले में करीब एक अरब रुपये का बिजनेस प्रभावित हुआ। बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, इलाहाबाद बैंक, केनरा सहित अन्य सभी बैंकों में तालेबंदी रही। साथ ही बैंक कर्मियों ने हड़ताल करके विरोध जताया। इस संबंध में लीड बैंक मैनेजर बीएम गुप्ता ने बताया कि अधिकांश बैंक शाखाएं बंद रहीं। इससे जिले में करीब 70 करोड़ रुपये की क्लियरिंग और करीब 30 करोड़ रुपये की नगदी ट्रांसफर का काम प्रभावित रहा।
एटीएम पर लगी रहीं लाइनें
बैंक कर्मियों की हड़ताल के चलते एटीएम के बाहर लंबी लाइनें लगीं रहीं। एटीएम धारक रुपये निकालने के लिए बार-बार दौड़ लगाते नजर आए। स्टेट बैंक के टाउनहाल स्थित एटीएम में रुपये निकालने के लिए लोग अपनी बारी के आने का इंतजार करते रहे।
काली पट्टी बांधकर रेलकर्मियों ने जताया विरोध
केंद्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर हुई हड़ताल के तहत नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन की स्थानीय शाखा में शामिल रेलकर्मियों ने रेलवे स्टेशन कैंपस में सरकार विरोधी नारेबाजी की। साथ ही बांहों पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताते हुए श्रम संगठनों की मांगे पूरी किए जाने पर जोर दिया। इस दौरान शाखा अध्यक्ष ओमशिव अवस्थी और शाखा सचिव नरेंद्र त्यागी के नेतृत्व में तमाम रेलकर्मी शामिल रहे।
दवा प्रतिनिधियों ने निकाली बाइक रैली
शाहजहांपुर। केंद्रीय श्रम संगठन की विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को हुई हड़ताल के समर्थन में दवा प्रतिनिधियों ने बाइक रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया।
शहीद उद्यान से शुरू हुई बाइक रैली में बड़ी संख्या में दवा प्रतिनिधियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए। लाला इमली चौराहा पहुंचे। यहां से घंटाघर होते हुए कलक्ट्रेट में रैली समाप्त हुई। इससे पहले शहीद उद्यान में हुई सभा में सचिव असित मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार विदेशी कंपनियों के इशारे पर श्रम कानून में परिवर्तन कर रही है और ठेकेदारी प्रथा लागू करवा रही है। आम जनता महंगाई और दवा की बढ़ती कीमतों से परेशान है। पूर्व सचिव मनोज अवस्थी ने कहा कि एकता की वजह से वह अपना कार्य करने का समय आठ घंटे करवा पाए। उन्होंने सेल्स प्रमोशन इंपलाइज एक्ट की सख्ती से लागू करवाने की मांग की और कंपनियों से ओवर टाइम दिलवाने की मांग की है। पूर्व अध्यक्ष अरुण गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों से देश का हर आदमी परेशान है। सरकार ने सब्जबाग दिखाकर वोट लेने के बाद श्रम कानूनों में संशोधन की बात की है। इसके साथ ही केंद्र की पिछली सरकार गरीबी हटाओ के नाम गरीबों को हटाने का प्रयास करती रही। रैली में अध्यक्ष मुरारी दीक्षित ने न्यूनतम वेतन 15 हजार करने की मांग की। रैली में अरुण गुप्ता, मनोज अवस्थी, पंकज भारद्वाज, हिमांशु शुक्ला, मुदित शुक्ला, सीएल तिवारी, सुचित पांडे, विजय मिश्रा, अनुपम सिंह, गौरव आदि शामिल थे।