मिर्जापुर/कलान। बांधों-बैराजों से काफी मात्रा में हो रही पानी की निकासी और लगातार हो रही बारिश का पानी सिमटकर आने से गंगा में फिर से उफान आ गया है। मंगलवार को जलालाबाद-शमशाबाद स्टेट हाईवे पर करीब दो फुट से ज्यादा पानी आ गया। इस कारण हाईवे के किनारे बसे और मिर्जापुर क्षेत्र में करीब दो दर्जन गांव पानी से घिर कर फिर टापू बन गए। बाढ़ प्रभावित गांवों में अभी प्रशासन ने राहत सामग्री बंटवाने की पहल नहीं की है।
स्टेट हाईवे पर जनपद के चौरा गांव से लेकर फर्रुखाबाद के बसोला गांव तक करीब पांच किमी हिस्से में पानी का बहाव लगातार बढ़ रहा है। इस कारण हाईवे के इस हिस्से में दोनों ओर बसे तारापुर, मोहम्मदपुर, गुलरिया, इस्माइलपुर, बीघापुर, पकड़िया नगला, धोबिया नगला, भरतपुर, मोती नगला, गुटेटी उत्तर, एत्मादपुर चक, पिपरिया नगला, मुस्तफा नगर, मुड़िया खेड़ा भंवरा नगला बांसखेड़ा आदि लगभग दो दर्जन से अधिक गांव पानी से घिर गए हैं।
भरतपुर-बसोला मार्ग गांव के पास पानी के तेज बहाव से कट गया है। इससे संपर्क मार्ग बैलगाड़ी और ट्रैक्टर निकालने लायक भी नहीं रहा। गांव वाले नाव के सहारे या फिर वाहनों के ट्यूब में हवा भरकर उनकी मदद से आवाजाही कर रहे हैं। चौरा गांव के लोगों को भी सड़क कट जाने के कारण आवागमन में दिक्कत हो रही है।
स्टेट हाईवे के जलमग्न हिस्से में पानी बढ़ने के बावजूद लोग बैलगाड़ियों और नाव से आवाजाही कर रहे हैं। इसी हाईवे पर बाढ़ के दौरान डूबकर महिला व उसकी दो बेटियों समेत एक अन्य ग्रामीण की मौत हो चुकी है, लेकिन पुलिस ने खतरनाक तरीके से पानी में घुसकर निकलने पर अब तक रोक लगाने की जरूरत नहीं समझी है।
उधर, मिर्जापुर क्षेत्र में गंगा के दोनों तटों पर बसे ढाई गांव समेत आजादनगर, इस्लामनगर, मस्जिद नगला, पैलानी उत्तरी, बांसखेड़ा, कमथरी, चितार, कटेला नगला, लोहार नगला आदि एक दर्जन गांव टापू बन गए हैं।
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गंगा और रामगंगा के जलस्तर की लगातार निगरानी कराई जा रही है। दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से काफी नीचे हैं। बाढ़ के संकट से निपटने के लिए प्रशासन की पूरी तैयारी है। गंगा के तटीय गांवों में बाढ़ राहत टीमें भ्रमण कर रही हैं। आवश्यकता होने पर राहत सामग्री का भी वितरण कराया जाएगा।
-अभिषेक प्रताप सिंह, एसडीएम कलान
मिर्जापुर में भरतपुर पुलिया के समीप कटी हुई सड़क। स्रोत : जागरूक पाठक