छोटी बिटिया का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
शाहजहांपुर। सीएचसी में नवजात की मौत के बंडा के गांव पड़रिया दलेलपुर निवासी सर्वेश की पत्नी बड़ी बिटिया (26) की मायके में तबीयत बिगड़ गई। बेटी की मौत के बाद परिजनों ने शव को मिनी डीसीएम में रखवा दिया। सर्वेश के पास रुपये नहीं थे तो उसे चालक के पास मोबाइल जमानत के तौर पर रखना पड़ा।
मेहनत-मजदूरी करने वाले सर्वेश की पत्नी बड़ी बिटिया को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में उसने मृत बच्चे को जन्म दिया। तीन दिन के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। सर्वेश ने बताया कि घर आने पर बड़ी बिटिया के कूल्हे में दर्द होने पर उपचार कराया था।
बुधवार को सास उसके घर आई तो बेटी को लेकर जाने लगी। पत्नी की हालत ठीक नहीं होने पर वह भी साथ चल दिया। सिंधौली में मायके में पहुंचने से पहले बाजार से डॉक्टर से साढ़े चार सौ रुपये की दवा दिलाई। ससुराल पहुंचने पर खाना खाने के बाद छोटी बिटिया ने दवा खाई और कुछ देर के बाद उसकी मौत हो गई।
सर्वेश ने बताया कि छोटी बिटिया की मौत के बाद ससुरालियों ने मुंह मोड़ लिया। बृहस्पतिवार को शव लाने के लिए मिनी डीसीएम को 2200 रुपये में बुक किया। आरोप है कि सर्वेश के पास रुपये नहीं होने पर ससुरालियों ने चालक के पास उसका मोबाइल जमानत के तौर पर रखवा दिया।
गांव पहुंचने पर प्रधान व अन्य लोगों से रुपये उधार लेकर गाड़ी के रुपये चुकाए। सर्वेश को डर था कि ससुराली पक्ष के लोग उसके खिलाफ तहरीर देकर आरोप न लगा दें। ऐसे में उसने थाने में सूचना दी। थाना प्रभारी सोनी शुक्ला ने बताया कि बृहस्पतिवार को शव लाने के बाद सर्वेश ने थाने में सूचना दी थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।