पुवायां। शासन के आदेश पर सोमवार को सरकारी कार्यालय खुले तो मनाही के बाद भी फरियादी टूट पड़े। भीड़ इस कदर हो गई कि पुलिस को लाठियां फटकार कर भगाना पड़ा। पूर्ति कार्यालय पर तो सामाजिक दूरी की भी जमकर धज्जियां उड़ी। पुलिस और अन्य अफसरों ने सभी को समझाबुझाकर लॉकडाउन के बाद आने को कहा।
सरकारी कार्यालयों को सोमवार से खोलने का आदेश किया गया। इसमें जनता को आने से मनाही है। केवल 33 प्रतिशत कर्मचारी के आने का आदेश है। बाकी रोस्टर के अनुसार कार्यालय में बुलाए जाएंगे। रोस्टर के बाद कर्मचारियों को घरों से ही काम निपटाने का भी आदेश है। रविवार को डीएम ने अफसरों के साथ बैठक कर रणनीति भी बनाई थी। सोमवार को कार्यालय पहुंचीं तहसीलदार तृप्ति गुप्ता ने सरकारी कामकाज निपटाया। उन्होंने बताया कि लोगों को कार्यालय आने की मनाही है। अगर किसी को समस्या है तो वह संबंधित अधिकारियों के मोबाइल फोन पर संपर्क कर सकता है। इसके बाद भी कार्यालय खुलने पर लोगों की भीड़ जुट गई। पूर्ति कार्यालय पर तमाम लोग एक दूसरे से सट कर खड़े रहे। कुछ लोग तो मास्क तक नहीं लगाए थे। लोगों ने बताया कि वह कार्ड संबंधी समस्या का निस्तारण कराने आए हैं। इनमेें कई ऐसे लोग थे जिन्हें पहले राशन मिल रहा था, लेकिन बाद में उनके नाम सूची से कट गए।
कोतवाली प्रभारी जसवीर सिंह के अनुसार तहसील में लोगों की भीड़ लगने पर पुलिस को मौके पर भेजकर लोगों को समझाकर घर भेज दिया गया। लोगों को बता दिया गया है कि अभी लॉकडाउन का पालन करते हुए घरों में ही रहें। संवाद
बंद रहे तहसीलदार न्यायिक और नायब नाजिर के दफ्तर
पुवायां। तहसीलदार न्यायिक और नायब नाजिर के कार्यालय दोपहर एक बजे बंद मिले। अन्य कार्यालय खुले थे, लेकिन वहां कोई भीड़ नहीं थी। कर्मचारियों की संख्या भी कम रही। एक कर्मचारी ने बताया कि रोस्टर से हिसाब से कर्मचारी काम करेंगे, इस कारण संख्या कम है।
शाहजहांपुर में कार्यालयों में टूटा सन्नाटा, बुलाए गए सीमित कर्मचारी
शाहजहांपुर। कलक्ट्रेट, विकास भवन समेत तहसीलों और ब्लाक मुख्यालयों के सरकारी दफ्तरों में भी रौनक लौटने लगी है। हालांकि, पहले दिन सीमित कर्मचारी बुला कर लंबित कार्य निपटाए गए। इस दौरान जन सामान्य के लोगों का कार्यालयों मेें प्रवेश वर्जित रहा।
कलक्ट्रेट और विकास भवन मेें प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े डीएम, सीडीओ, एडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम सदर के कक्ष पहले से खुल रहे थे, लेकिन सोमवार से उनके बंद कार्यालयों का सन्नाटा भी टूटने लगा। कलक्ट्रेट, विकास भवन, डीआरडीए और कोषागार में करीब 160 कर्मचारी कार्यरत हैं और इनमें से ज्यादातर के पटल अभी तक खाली पड़े रहते थे। सोमवार को कर्मचारी पहुंचे तो वहां चहल पहल दिखने लगी। इन कार्यालयों में भी सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए पहले दिन तय रोस्टर के अनुसार 30 से 35 फीसदी कर्मचारी बुलाए गए। कलक्ट्रेट कैंपस के अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय में सिर्फ तीन कर्मचारी बैठे दिखे। इसी तरह जिला पंचायत कार्यालय, विकास भवन के पशुपालन, संयुक्त निदेशक (अभियोजन), कृषि, उप निबंधक आदि कार्यालयों में भी कर्मचारियों की संख्या बेहद सीमित रही।
कैंटीन व्यवस्थित करने में जुटे कर्मचारी
शाहजहांपुर। सरकारी कार्यालय खुलने के साथ विकास भवन कैंटीन के ठेकेदार ने जलपान व्यवस्था की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। सोमवार को कैंटीन के कर्मचारी वहां पड़े फर्नीचर की टूट-फूट सुधारकर उसे ठीक करने में जुटे रहे।
कलक्ट्रेट में सैनिटाइजिंग के लिए लगी मशीन
शाहजहांपुर। कलक्ट्रेट कर्मचारियों समेत वहां पहुंचने वाले अन्य लोगों के हाथ धोने को रोजा स्थित रिलायंस तापीय परियोजना के प्रबंधन ने वहां जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर स्वचालित सैनिटाइजिंग मशीन लगा दी है। डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने अपने हाथ धोकर मशीन का उद्घाटन किया। मशीन के एक टैंक में लिक्विड साबुन और दूसरे मेें पानी रखा गया है। डीएम ने मशीन को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि पैडल से संचालित होने वाली इस मशीन में साबुन और पानी की बर्बादी भी नहीं होती। इस मौके पर एसपी डॉ. एस चन्नप्पा, सीडीओ महेंद्र सिंह तंवर, एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी, एसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी, एसपी ग्रामीण अपर्णा गौतम आदि मौजूद रहे।
तिलहर : सरकारी कार्यालय खुले, कर्मचारी दिखे कम
तिलहर। सरकारी दफ्तरों के खोलने की घोषणा को लेकर सरकारी महकमा निर्देशों का पालन करता नजर नहीं आया। नगर पालिका के मुख्य कार्यालय में और मीटिंग हॉल में गरीबों के लिए भोजन के पैकेट बनते नजर आए। कुछ कमरों में कर्मचारी बैठे मिले। कई कमरों में कुर्सी खाली पड़ी रहीं। पालिका ईओ सर्वेश कुशवाहा ने बताया कि गरीबों को भोजन के पैकेट बांटने का काम पालिका प्रशासन स्तर से लॉकडाउन के समय से किया जा रहा है। अन्य ऑफिस खोले गए हैं जिनमें लंबित कार्य निपटाए जा रहे हैं। खंड विकास कार्यालय खुला पाया गया लेकिन खंड विकास अधिकारी और बड़े बाबू आदि कर्मचारी दफ्तर में नदारद मिले। तहसील के सामने स्थित एबीएसए कार्यालय खुला मिला। यहां पर लिपिक और कर्मचारी मौजूद मिले लेकिन एबीएसए की कुर्सी खाली पड़ी रही। तहसील में नायब तहसीलदार और पूर्ति कार्यालय खुले मिले।