खुटार। गांव रुजहा खुर्द के बाद बाघ ने गांव कढ़ैया में गाय को मार डाला। बछड़ा भी बाघ के हमले में गंभीर घायल हुआ है। रुजहा और कढ़ैया के पास पशुओं को मारने वाले बाघ अलग-अलग हैं। किसानों ने वनकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रोष जताया है।
क्षेत्र के गांव प्रतापपुर, चांदपुर, सिल्हुआ, रुजहा, इटौआ में बाघ के घूमने से किसान पहले से ही दहशत में थे, अब गांव कढ़ैया में भी बाघ के गाय को मारने से किसान परेशान हो उठे हैं। सोमवार रात बाघ ने गांव के चिरौंजीलाल के खेत में गाय काे मार दिया और बछड़े को घायल कर दिया। मंगलवार सुबह शिवकुमार, हरिराम, राजेश, विजय कुमार, अनिल सिंह, रामसागर, दीपू आदि किसान खेतों पर पहुंचे तो गाय का अधखाया शव पड़ा देखा। गाय के शव के पास एक घायल बछड़ा बैठा था। कुछ ही देर में मौके पर भीड़ जमा हो गई।
सूचना मिलने पर वन दरोगा रोहित पांडे, संतोष गौड़ टीम के साथ मौके पर पहुंचे और गाय के शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद दफन करा दिया। ग्रामीणों ने वनकर्मियों की कार्यशैली पर रोष जताते हुए कहा कि कर्मचारियों को जुबानी बयान के स्थान पर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे वन्य जीवों से खेतों से दूर रखा जा सके।
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। टीम को क्षेत्र में लगातार कांबिंग के निर्देश दिए गए है। बाघ की लोकेशन ट्रेस कर जंगल की तरफ खदेड़ा जाएगा।
- मनोज श्रीवास्तव, रेंजर खुटार