जलालाबाद। घर पर पिटाई होने के डर से 15 साल की एक किशोरी सोमवार को सुबह स्कूल से निकलकर घर जाने के बजाय बरेली जा रही रोडवेज बस में सवार हो गई। टिकट बनाते समय परिचालक ने उसे बस के पिछले हिस्से में खाली सीट के नीचे रोते हुए बैठे देखा। परिचालक ने बस रुकवा कर पुलिस बुला ली, लेकिन किशोरी ने झूठी जानकारी देकर पुलिस को भी परेशान कर दिया। हालांकि, बाद में पुलिस ने किशोरी को हिदायत देकर उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया।
किशोरी ने परिचालक को पूछने पर बताया कि उसकी मां की मौत हो चुकी है और पिता अक्सर उसके साथ गलत हरकतें करते हैं। इसलिए वह घर छोड़कर जा रही है। किशोरी के गंभीर आरोप देखकर परिचालक ने बस रुकवाकर सूचना थाने में दी। मौके पर दो महिला सिपाही पहुंचीं और किशोरी को थाने ले गईं।
वहां पूछताछ में किशोरी ने अपने पिता का नाम और घर का पता गलत बता दिया। बताए गए पते पर पुलिस को कोई जानकारी नहीं मिली। पूछताछ में पुलिस को किशोरी ने नगर में अपने कॉलेज का नाम और कक्षा सही बताई। कॉलेज जाने पर पुलिस को पता लगा कि इसी कॉलेज में उसकी छोटी बहन भी पढ़ती है।
पुलिस उसकी क्लास में पहुंची तो छोटी बहन ने बताया कि बड़ी बहन को मोहल्ले के ही एक लड़के से बात करते देखने पर उसने घर जाकर शिकायत करने की बात कही थी। इसीलिए वह पिटाई के डर से काॅलेज से निकलकर बस अड्डे पहुंच गई। छोटी बहन ने यह भी बताया कि उसके मां-बाप भी हैं। इसके बाद पुलिस ने किशोरी के घरवालों को थाने बुलाया। एसएसआई शक्तावर सिंह के अनुसार किशोरी को समझाने के साथ माता पिता से भी कहा गया है कि उसके साथ मारपीट नहीं करें। संवाद