जीत बहादुर की शीघ्र सकुशल वापसी के लिए पूजा-अर्चना करते परिजन। संवाद (काबुल में फंसे युवक के संबं?
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शाहजहांपुर। अफगानिस्तान के काबुल में काम करने गए शाहजहांपुर के चिनौर निवासी जीत बहादुर वहां से सुरक्षित निकलने के लिए भारत सरकार से मदद की आस में है। इधर, उसका पूरा परिवार सकुशल वापसी के लिए घर में पूजा-पाठ कर रहा है। परिवार ने विदेश मंत्रालय की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया है, जहां से उन्हें मदद का आश्वासन मिला है।
चिनौर क्षेत्र के रहने वाले जीत बहादुर पिछले ढाई साल से काबुल की एक फैक्टरी में काम कर रहा था। चाचा भरत ने उनकी नौकरी वहां पर लगवाई थी। वह खुद भी काबुल में नौकरी कर चुके हैं। पिछले साल अक्टूबर में जीत घर आया था और 14 नवंबर को फिर काबुल चला गया था। अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा हो जाने के बाद अब वह वहां फंस गया है। सिर्फ मैसेंजर के जरिये परिजन से बातचीत हो रही है।
जीत बहादुर ने दो दिन पहले परिजन को बताया कि वह काबुल एयरपोर्ट पर पहुंचने का प्रयास कर रहा है। परिजन ने फोन के जरिये विदेश मंत्रालय से संपर्क साधा तो वहां से बताया गया कि वह सभी भारतीयों को काबुल से निकालने का प्रयास कर रहे हैं। परिजन चिंता न करें। अब परिजन घर में पूजा-पाठ कर बेटे की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। बुधवार को परिजन दो घंटे तक पूजा करते रहे।
बहन संतोषी ने बताया कि भइया बातचीत के दौरान काफी घबराए हुए थे। वहां पर हालात ठीक नहीं हैं। अब खाने-पीने के सामान की कमी भी होने लगी है। जीत ने बताया कि बाहर बहुत खतरा है। वह जहां पर है, वहां पर कई और लोग भी हैं जो अपने मुल्क लौटना चाहते हैं। जीतबहादुर के पिता रामबहादुर की काफी पहले मौत हो चुकी है। बड़े भाई इंद्रबहादुर, बहन पुष्पा, भाभी बबिता, भतीजा शौर्य, चाची लक्ष्मी सभी जीत की सुरक्षा को लेकर बहुत परेशान हैं। बहन संतोषी ने बताया कि जीत ने सुरक्षा कारणों से कॉल करने के लिए मना किया है। उसने कहा कि वह सही समय देखकर कॉल कर लेगा।
संतोषी ने बताया कि उन्होंने विदेश मंत्रालय की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर पर कॉल की थी। वहां से बताया गया कि जीत का नाम उनकी लिस्ट में है। उसे वहां से निकालने के लिए भारत सरकार पूरा प्रयास कर रही है। किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। मां धनदेवी का कहना है कि भारत सरकार किसी तरह बेटे को सकुशल वापस घर ले आए। पूरा परिवार भगवान से यही प्रार्थना कर रहा है कि सब ठीक हो जाए।