शाहजहांपुर। शाहजहांपुर को लखनऊ खंडपीठ से जोड़े जाने की मांग करते हुए अधिवक्ताओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। नारेबाजी कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट रजनीकांत को दिया।
सेंट्रल बार एसोसिएशन के महासचिव राजेश अवस्थी ने बताया कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद से शाहजहांपुर की दूरी चार सौ किलोमीटर है। इसके कारण वादकारियों व अधिवक्ताओं को वहां आने-जाने में काफी परेशानी होती है। शासन की मंशा के अनुसार वादकारियों को सुलभ न्याय नहीं मिल पाता है। प्रयागराज जाने के लिए लखनऊ खंडपीठ होकर ही गुजरना होता है। उन्होंने कहा कि 1986 में जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट में निकटता के आधार पर शाहजहांपुर को उच्च न्यायालय इलाहाबाद की खंडपीठ से लखनऊ से संबद्ध करने की संस्तुति की गई थी। आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद जनपद के अधिवक्ता शाहजहांपुर को लखनऊ खंडपीठ से संबद्ध करने की मांग को लेकर 1986 से लगातार प्रत्येक शनिवार हड़ताल करते चले आ रहे हैं। महासचिव ने कहा कि प्रदेश में लगातार हो रहीं अधिवक्ताओं की हत्या और हमलों के मामलों को देखते हुए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए। इस दौरान अध्यक्ष सरनाम सिंह यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामेंद्र कुमार मिश्रा, धीरेंद्र मिश्र, वैभव श्रीवास्तव, विवेक यादव, अक्षय अवस्थी, श्याम दीक्षित आदि मौजूद रहे।