छावनी परिषद की ओर से करीब एक दशक पहले बनवाए गई निगोही-पुवायां बाईपास रोड बाईबाग की हाइडिल कॉलोनी के पीछेे क्षतिग्रस्त हो गई है। पुवायां रोड बाईबाग से आने वाले वाहनों को निगोही रोड गदियाना की ओर ले जाने वाले इस मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन रहता है, लेकिन रास्ते की बड़ी पुलिया के दोनों किनारों पर तालाब रोड को बचाने के लिए पक्की ठोकरें नहीं बनाए जाने से फुटपाथ धंस रहा है। रास्ते की जर्जर दशा कैंट बोर्ड के मुख्य अधिशासी अधिकारी के संज्ञान में लाए जाने पर उन्होंने शनिवार से रोड की मरम्मत का काम शुरू करा दिया।
मिनी बाईपास ने दिलाई जाम लगने से निजात
शहर के अन्य चौराहों की तरह अशफाक नगर चौराहा आए दिन यातायात जाम की समस्या से जूझता है। इसी चौराहे से पुवायां रोड, निगोही रोड और स्टेशन रोड का सारा ट्रैफिक पास होता है। जाम लगने की दशा में पुवायां रोड के निगोही जाने वाले और निगोही की ओर से पुवायां रूट पर जाने वाले वाहनों की कतारें लग जाती थीं। कैंट बोर्ड ने जब से दोनों मार्गों को जोड़ने वाले करीब एक किमी लंबे मिनी बाईपास का निर्माण कराया है, अशफाक नगर चौराहे पर ट्रैफिक का दबाव कम हो गया है।
कैंट बोर्ड की आमदनी का जरिया बना मिनी बाईपास
मिनी बाईपास पर बड़े वाहनों का ट्रैफिक बढ़ने पर मार्ग के रखरखाव के लिए छावनी परिषद गदियाना के पास बैरियर लगाकर उधर से गुजरने वाले वाहन चालकों से टोल वसूलना शुरू कर दिया। इससे मिनी बाईपास कैंट बोर्ड की अतिरिक्त आमदनी का जरिया बनने लगा। टोल की वसूली का शुरू में कुछ नागरिकों ने विरोध किया, लेकिन पिछले साल पुलिया निर्माण के लिए मिनी बाईपास पर आवागमन रोकने से जन सामान्य को उसकी अहमियत बखूबी समझ में आ गई।
मिनी बाईपास के दोनों किनारों पर ठोकरों की जरूरत
कैंट बोर्ड की जिस जमीन पर रोड बनाया गया है, वहां पहले कभी बड़ा तालाब था। तालाब को बीच में मिट्टी भराव कर पाटने के बाद रोड का निर्माण करके पुलिया बनाई गई, लेकिन तालाब के पानी के कटान से रोड को बचाने के लिए केवल हाइडिल कालोनी वाली पश्चिमी दिशा की तरफ फुटपाथ के किनारे ठोकरें बनाई गईं। बारिश में तालाब का जलस्तर बढ़ने पर पानी से रोड के पूर्वी हिस्से का फुटपाथ कटने लगा। अब रोड पर भी गहरे गड्ढे हो गए हैं।
बाईपास की मरम्मत के सीईओ ने दिए निर्देश
निगोही रोड पर कोचिंग सेंटर चलाने वाले अमरीश कुमार को पुवायां रोड स्थित बाईबाग से आने वाले छात्र-छात्राओं ने मिनी बाईपास की खस्ता हालत से अवगत कराया तो वह कैंट बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष एवं सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र गंगवार से मिले। गंगवार ने मौका मुआयना करने के बाद बाईपास की जर्जर स्थिति से कैंट बोर्ड के सीईओ सत्यम मोहन को अवगत कराया। उन्हें बताया कि रोड पर आवागमन कम होने से टोल की आय भी प्रभावित हो रही है। इस पर सीईओ ने मिनी बाईपास की अहमियत समझते हुए मौके पर जेसीबी और ट्रैक्टर ट्राली भेजकर गड्ढों में रोड़े भराने का काम शुरू करा दिया।
रोड की जर्जर स्थिति के बारे में कैंट बोर्ड के पदेन अध्यक्ष ब्रिगेडियर रूपेश मेहता को भी पत्र के माध्यम से अवगत करा दिया है, जिससे कि मिनी बाईपास की मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके। मरम्मत का काम रोड पूरी तरह ठीक होने तक जारी रखा जाएगा।
-गजेंद्र गंगवार, पूर्व उपाध्यक्ष एवं सदस्य, कैंट बोर्ड