अभावों से जूझते छात्रों के प्रेरणा स्रोत बने आदर्श
पढ़ाई से जुड़े संसाधनों की कमी और आर्थिक संकट से जुड़े अभावों की बाधाएं लांघकर गरीब परिवार के बेटे आदर्श कुमार ने जेईई कंपटीशन क्वॉलीफाई करके आदर्श कुमार ने न सिर्फ अपने परिवार का नाम रोशन किया, अन्य छात्रों के लिए भी किसी प्रेरणास्रोत से कम नहीं हैं। उन्होंने एससी कैटेगरी में ऑल इंडिया लेवल की 119वीं रैंक हासिल करके देश के प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थानों में अपनी सीट पक्की कर ली है।
आदर्श के परिवार की माली हालत को देखते उन्हें गुदड़ी का लाल कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। शहर के मोहल्ला महमंद हद्दफ निवासी आदर्श तीन भाइयों में मंझले हैं। उनके पिता मोरपाल हरिद्वार में मामूली पगार पर प्राइवेट नौकरी करते हैं और मां अनीता देवी सामान्य ग्रहणी हैं। उच्च शिक्षित परिवार नहीं होने के बावजूद उन्होंने राजकीय इंटर कालेज से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं क्रमश: 86 व 88 प्रतिशत प्राप्तांकों सहित उत्तीर्ण कीं।
कालेज स्तर पर दोनों परीक्षाओं में टॉपर रहे आदर्श परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण पिछले साल जेईई कंपटीशन कोचिंग न ले पाने के कारण पास नहीं कर सके। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और स्वयं आठ से दस घंटे पढ़ाई करके दूसरे प्रयास में जेईई की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली। वह अपनी सफलता का श्रेय ईश्वर और माता-पिता के आशीर्वाद को देते हैं। उनकी सफलता से अभिभूत निगोही स्थित आदर्श इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डीआर वर्मा ने उन्हें इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए हर संभव मदद देने की घोषणा की है।