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‘उपलब्धियों और विरासत की करें रक्षा’

Sun, 22 Mar 2015 12:30 AM IST
शाहजहांपुर।
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नवरात्र के पहले दिन यानी शनिवार को भारतीय नववर्ष हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर हिंदू संगठनों ने शहर में केसरिया झंडे लगाकर लोगों का स्वागत चंदन और रोली तिलक से किया और एक-दूसरे को नवसंवत्सर की शुभकामनाएं दी गईं। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की ओर से गोष्ठी का आयोजन कर भारतीय सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करने का संकल्प लिया गया।
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सरस्वती शिशु मंदिर में हुई गोष्ठी में मुख्य अतिथि संघ के क्षेत्रीय बौद्धिक शैक्षिक प्रमुख सुशील ने कहा कि  किसी भी समाज को स्थायित्व प्रदान करने के लिए दो बाते बहुत महत्वपूर्ण होती हैं। एक है स्मृति और दूसरी है विस्मृति। दुर्भाग्य से आज भारतीय समाज अपनी उपलब्धियों और सांस्कृतिक विरासत को विस्मृत करता जा रहा है। पाश्चात्य सभ्यता की अंधी दौड़ में हम अपना ही संवत्सर यानी नववर्ष भूलते जा रहे हैं। किसी भी उत्सव को मनाने से पहले हमें उसके ऐतिहासिक महत्व को भी समझना चाहिए। हमारा हिंदू नववर्ष उपलब्धियों से भरा पड़ा है, लेकिन फिर भी हम पाश्चात्य को महत्व दे रहे हैं, जो चिंताजनक है।
सुशील ने बताया कि आज के ही दिन ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना की, श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ, आर्य समाज की स्थापना हुई और संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार का जन्मदिन भी मनाया जाता है। इस अवसर पर विभाग प्रचारक दिनेश, संत कुमार, धर्मेंद्र, महेश, राजकमल वाजपेयी, विश्वजीत, तपोनिष्ठ, राजीव, अरविंद, यतेंद्र, प्रदीप आदि मौजूद रहे।
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नव संवत्सर का समझाया महत्व
श्री बिहारी लाल सरस्वती विद्या मंदिर में नवसंवत्सर पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. विनोद शर्मा, सुनील तिवारी आदि ने संवत्सर के महत्व पर प्रकाश डाला। छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।

हवन-पूजन कर दीं शुभकामनाएं
प्रकाश जन कल्याण समिति की ओर से इंदिरा नगर में नव संवत्सर मनाया गया। इस अवसर पर हवन-पूजन के बाद त्योहार के महत्व पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में चंद्र प्रकाश वाजपेयी, डॉ. सत्य प्रकाश मिश्र, आरके अग्रवाल, सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी, शशि भूषण जौहरी, रामशरण द्विवेदी, सुभाष अग्निहोत्री, मनोज तिवारी आदि मौजूद रहे।

पुवायां में भी हुआ कार्यक्रम
पुवायां। भारतीय युवा मंच की ओर से नव संवत्सर पर शनिवार को पुवायां के डॉक बंगला रोड स्थित कार्यालय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यकर्ताओं ने भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर अबीर गुलाल से एक दूसरे का अभिनंदन किया और हिंदू नव वर्ष की बधाई दी। इस अवसर पर प्रदीप बैरागी, गोविंद त्रिवेदी, अभिषेक गुप्ता, ब्रजेश प्रताप सिंह, शिवप्रकाश सिंह, राहुल विश्वकर्मा, गौरव मिश्रा, पुनीत शर्मा, विजय वर्मा, जितेंद्र राठौर आदि मौजूद रहे।

नववर्ष पर निकाली शोभायात्रा
तिलहर। हिंदू नव वर्ष पर शनिवार को विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल की ओर से मां दुर्गा का शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा बिरियागंज मोहल्ला स्थित बतासो देवी धर्मशाला से शुरु होकर गुरगवां, मंसूरपुर गौटिया, भुड़ेली, फरीदापुर, मिर्गापुर, सुल्तानपुर, बाबूपुर नगरिया, फादिलपुर, धनकपुर, लखोहा, मिर्जापुर होती हुई नगर बाईपास पर समाप्त हुई। इस दौरान मनोज शर्मा, मान सिंह, जितेंद्र गंगवार, रवीन्द्र राठौर, अनुराग शर्मा, अमित कुमार, आनन्द सागर, उदयवीर सक्सेना, कौशल गुप्ता आदि मौजूद रहे।

याद किए गए क्रांतिकारी
तिलहर। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन नववर्ष कार्यक्रम का आयोजन कर भारतीय संस्कृति और महापुरुषों का श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। साथ ही उनके बताए मार्ग पर चलने का आहवान किया गया। इस दौरान आरएसएस के क्षेत्रीय बौद्धिक प्रमुख सुशील कुमार ने क्षत्रपति शिवाजी, महाराणा प्रताप, झांसी की रानी, मंगल पांडेय, चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारियोें द्वारा किए गये त्याग के फलस्वरूप आजाद भारत में सांस लेने पर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर बल दिया। इस दौरान बैंक आफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक तेजेंद्र सिंह राजपूत, नगर संघचालक रवींद्र सिंह, विद्या मंदिर के प्रबंधक रामऔतार गुप्ता, खंड संघचालक चिम्मनलाल गंगवार, जिला कार्यवाह प्रभात सहाय सक्सेना, जिला बौद्धिक प्रमुख विजय वर्मा, जिला शाखा प्रमुख बाबूराम आदि मौजूद रहे।

सत्संग में बताया गया नववर्ष का महत्व
जमुनिया दौलतपुर। गांव नगला बनवारी स्थित वृद्ध आश्रय सेवा संस्थान में नव संवत्सर के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय सत्संग का हवन-पूजन के साथ शुभारंभ हो गया। बदायूं से आए संत परमानंद भैया ने मौजूद श्रोताओं को नववर्ष के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया था। इसलिए हमारे राष्ट्र के विक्रम पूर्ण वैभवशाली विश्व विख्यात विक्रमादित्य जी ने इस धराधाम पर पदार्पण किया था। इनके नाम से आज भी विक्रम संवत प्रचलित है और भारतीय परंपरा के अनुसार नववर्ष के रूप में पूरे देश में मनाया जाता है। अंत में आरती और प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर विमल वाजपेयी, महेश सिंह, ओमसागर, नक्षत्रपाल, दृगपाल सिंह, नेत्रपाल सिंह, गजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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