प्रधानी चुनाव की थी रंजिश
अजीम की भाभी जैनब अंजुम ने गांव में प्रधानी का चुनाव अपने रिश्तेदार के विरुद्ध लड़ा था। इसमें नफीस व आबिद ने अजीम की भाभी के विरुद्ध खड़े प्रधान प्रत्याशी के पक्ष में मतदान व प्रचार किया था। इसके अलावा अजीम के विरुद्ध उनके ही गांव के लेखपाल राजेश श्रीवास्तव के रिश्तेदार द्वारा एक धोखाधड़ी व कूटरचना का मुकदमा सीतापुर में पंजीकृत कराया गया था, जिसमें अजीम जेल गया था।
नफीस व आबिद ने राजेश श्रीवास्तव के पक्ष में गवाही दी थी। इसी की रंजिश में वह नफीस और आबिद को जेल सबक सिखाना चाहता था। इसलिए उसने यह साजिश रच डाली। पुलिस ने आरोपी अजीम को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।