होली पर घर आया था राजकुमार
वर्ष 2008 में आरोपी पक्ष के घर से रायफल व सामान चोरी हो गया था। पुलिस ने कुछ सामान बरामद किया था, लेकिन आरोपी पक्ष की रायफल नहीं मिली थी। इसके बाद दोनों पक्षों में कोई विवाद नहीं हुआ। गांव में रंजिश के चलते राजकुमार ने गांव आना तक छोड़ दिया और अपनी ससुराल में जाकर रहने लगा। वह काफी कम यहां आता था।
राजकुमार पक्ष को लग रहा था कि अब सब सामान्य हो गया है, लेकिन दूसरे पक्ष ने बदले की ठान रखी थी। होली पर राजकुमार घर आया तो हमलावर उसे जबरन पकड़ ले गए और मार डाला। भाई धनपाल की तहरीर पर पुलिस ने गांव के शिवराज, उसके भाई जगपाल, जगपाल के बेटे पवन, हंसू, ब्रजेश व गांव के छविराम के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। महेश ने बताया कि वह और परिवार के सदस्य हाथ जोड़कर आरोपियों से मिन्नतें करते रहे, लेकिन आंखों के सामने गोली मार दी गई।
पीटते हुए गांव में घुमाने का आरोप
पोस्टमॉर्टम हाउस पर भाई धनपाल ने आरोप लगाया कि राजकुमार को पीटकर गांव में घुमाया। उसे लाठी-डंडों से पीटा गया। तालाब के पास ले जाकर पैरों में गोली मारी गई।
भाई के निधन के बाद थी पहली होली
राजकुमार के भाई नन्हें का निधन हो गया था। इस बार नन्हें की होली थी, इसलिए राजकुमार होली पर घर आया हुआ था। उनकी पत्नी दिव्यांग हैं। बड़ी बेटी शिवानी और छोटा बेटा रमन है। उनकी मौत से सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।