अल्हागंज। हरदोई जिले की रूपापुर चीनी मिल जा रहा गन्ने से भरा ट्रक मंगलवार रात स्टीयरिंग फेल हो जाने से पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नदी में जा गिरा। चालक ने ट्रक से नदी में कूदकर जान बचा ली, जबकि ट्रक पूरी तरह नदी में समा गया। ट्रक को खोजने में करीब 12 घंटे लगे।
मुरादाबाद के थाना बिलारी के गांव रुस्तमपुर निवासी चालक राजपाल ने बताया कि ट्रक में 180 क्विंटल गन्ना लदा था। ट्रक संभल के थाना हयातनगर के गांव सराय टीन निवासी संजीव गुप्ता का है। वह बदायूं के गुलरिया से गन्ना लेकर हरदोई की रूपापुर चीनी मिल जा रहा था। मंगलवार रात जैसे ही पुल पर पहुंचा,रात करीब नौ बजे स्टीयरिंग फेल हो जाने से ट्रक पुल की दाईं रेलिंग की ओर बढ़ने लगा।
चालक ने ट्रक के गिरने से पहले ही नदी में छलांग लगा दी। ट्रक करीब 10 मीटर तक रेलिंग तोड़ता हुआ 30 फुट नीचे रामगंगा नदी में जा गिरा। ट्रक चालक तेज बहाव में करीब तीन किलोमीटर दूर जाकर रामगंगा से निकल सका।
घबराहट में ट्रक चालक ने रात में किसी से मदद लेने अथवा पुलिस को सूचना देने की जरूरत नहीं समझी। पुल के पास ही बाबा वाले धाम के नाम से विख्यात एक मंदिर के अहाते में जाकर सो गया।
इस बीच, पुल के पास ही एक खोखे में चाय बेचने वाले बालिस्टर सिंह ने पुल पर जाकर नीचे देखा तो पानी के सिवा कुछ नजर नहीं आया। जानकारी पाकर पहुंचे सीओ और नायब तहसीलदार को बालिस्टर ने बताया कि रात में पुल से तेज आवाज होने पर पता चला कि कोई भारी वाहन गिरा है। सुबह करीब नौ बजे ट्रक खोजा जा सका। ट्रक निकालने के लिए क्रेन मंगवाई गई पर अधिक गहराई होने से ट्रक को निकाला नहीं जा सका। रामगंगा नदी पुल पर बीचो-बीच में बड़ा गड्ढा हो गया है। चालक राजपाल का कहना है कि उस गड्ढे को बचाने में ही स्टीयरिंग फेल हो गया।
तीन किमी तक बहने के बाद बाहर निकला चालक
चालक राजपाल ने बताया कि वह बदायूं के गुलरिया से शाम 6 बजे ट्रक को लेकर निकला था। रामगंगा में गिरने के बाद वह करीब तीन किलोमीटर तक बहता हुआ चला गया। किसी तरह तैरकर वह झाड़ियां पकड़कर रामगंगा से बाहर निकला, फिर रामगंगा के किनारे चलता हुआ पुल के नीचे पहुंचा। वहां साधु के आश्रम में शरण ली। वह ठंड से कांप रहा था। इससे साधु ने आग जलाकर उसे तपाया तब कुछ राहत मिली।
ट्रक निकालने में दिक्कत
पुलिस ने रात को ही फर्रुखाबाद से गोताखोर बुलाने के लिए कॉल किया। गोताखोरों ने नदी में मगरमच्छ का हवाला देकर नदी में जाने से मना किया। सुबह 6 गोताखोर पहुंचे। वहीं नाव से एक व्यक्ति ट्रक के पास पहुंचा। नदी में कूदा और गन्ना निकालकर बाहर लाया।
नदी में पूरी तरह डूबे ट्रक को बाहर निकालना हुआ मुश्किल
चालक ने ट्रक को निकालने के लिए क्रेन मंगवाने की गुजारिश की, लेकिन जर्जर पुल पर क्रेन लाकर ट्रक को निकालने में खतरा देख सीओ ने हिदायत दी कि पुल पर किसी भी दशा में क्रेन को नहीं लाया जाए। ऐसा करने से पुल को क्षति होने के साथ इस प्रयास में जुटे लोगों की भी जान को खतरा हो सकता है। रेतीले किनारे तक क्रेन ले जाना और उससे ट्रक को बाहर खींचना भी संभव नहीं हो सका। गन्ने के भारी बोझ के कारण ट्रक रामगंगा में इतनी गहराई तक समा गया है कि उस पर किसी व्यक्ति के खड़े होने पर केवल उसके कंधे दिख रहे हैं।
ट्रक के गिरने से पुल के जिस हिस्से की रेलिंग टूटी है, उधर की लेन पर यातायात रोककर दूसरी लेन से दोनों ओर के वाहन बारी-बारी निकाले जा रहे हैं। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि पुल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उस पर किसी क्रेन अथवा अन्य वाहन को लाकर उससे नदी में डूबे ट्रक को खींचने का प्रयास नहीं किया जाए।
-अजय कुमार राय, सीओ, जलालाबाद