रोजा में जांच करती एफएसएल टीम। स्रोत : पुलिस
भावलखेड़ा। रोजा में मोबाइल की दुकान में पांच वर्ष पूर्व जली अवस्था में मिले शव के मामले में तीन जनपदों से आई 10 सदस्यीय एफएसएल (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) टीम ने शुक्रवार को मौके पर जाकर जरूरी साक्ष्य जुटाए। साथ ही घटनास्थल से कई नमूने लेकर उन्हें भी जांच के लिए सील कराया।
मोहल्ला फत्तेपुर रेती निवासी सुमन ने रोजा थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि 19 दिसंबर 2020 को रोजा क्षेत्र में एक दुकान में जली अवस्था में बरामद शव उनके बेटे अभिषेक यादव का था। डीएनए जांच से सुमन के दावे की पुष्टि हुई।
सुमन के मुताबिक अभिषेक मोहल्ले के ही शानू के साथ रोजा क्षेत्र में एक ढाबे पर खाना खाने गया था। वहां उसका बोलेरो चालक नईम और राजू से विवाद हो गया था। आरोप है कि दोनों ने अभिषेक को पहले पीटा, फिर उसकी हत्या कर शव को दुकान में डालकर आग लगा दी। विवेचक इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार गुप्ता ने लखनऊ की फोरेंसिक टीम से जांच के लिए पत्राचार किया था।
शुक्रवार को लखनऊ, बरेली और शाहजहांपुर से आई 10 सदस्यीय फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। टीम ने प्रत्येक बिंदु पर गहन जांच की। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मामले में टीम ने साक्ष्य संकलित किए हैं। यह टीम पोस्टमाॅर्टम करने वाले चिकित्सकों के भी बयान लेगी। टीम की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।