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Shahjahanpur News: ककरा में बनेगा स्मार्ट ट्रांसफर स्टेशन, तेज होगी कूड़ा निस्तारण की प्रक्रिया

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ककरा ​स्थित एमआरएफ सेंटर पर पड़ा कूड़ा। संवाद
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शाहजहांपुर। शहर के ककरा में लाखों रुपये खर्च कर बने मैटेरियल रिकवरी फैसलिटी (एमआरएफ) सेंटर में कूड़े से खाद बनाने का काम तो नहीं हो सका लेकिन कई टन कूड़े के ढेर लग गए। अब नगर निगम यहां पर करीब 10 करोड़ की लागत से स्मार्ट ट्रांसफर स्टेशन बनाएगा। इसका निर्माण होने से कूड़ा निस्तारण की प्रक्रिया तेज होगी। गीला कूड़ा खिलौली एफआरएफ सेंटर भेजा जाएगा।
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मोहल्ला ककरा में वर्ष 2021 में 63 लाख रुपये की लागत से एमआरएफ सेंटर का निर्माण कराया गया। यहां पर पूरे महानगर का करीब 140 टन कूड़ा रोजाना डाला जाता था। सेंटर में कूड़े से खाद बनाने की मशीन लगी है, इसके बावजूद खाद बनाने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही थी। अब यहां पर सिर्फ सूखे कूड़े का प्लांट चल रहा है।
यहां सूखे कूड़े से प्लास्टिक, शीशा आदि को कचरे से निकालकर अलग किया जाता है। इसके लिए एक फर्म को ठेका दिया गया है जो कचरे के सामान से बेचकर होने वाली आय में से 40 फीसदी नगर निगम को भुगतान करती और 60 फीसदी अपने पास रखती है। हालांकि यह सिर्फ खानापूर्ति के लिए हो रहा है। यहां पर कई टन कूड़ा जमा है।
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प्लांट की अनुपयोगिता देखते हुए नगर निगम ने यहां पर स्मार्ट ट्रांसफर स्टेशन बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए डीपीआर (विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाई जा रही है। दस करोड़ रुपये का खर्च होने का अनुमान है। यहां पर सूखे कूड़े को निस्तारित किया जाएगा। गीला कूड़ा वाहन से खिलौली स्थित प्लांट में भेजा जाएगा।


खिलौली प्लांट में कूड़ा भेजने में खर्च हो रहा काफी ईंधन
स्वच्छ भारत मिशन के तहत ददरौल के खिलौली में 18.75 करोड़ रुपये की लागत एमआरएफ सेंटर का निर्माण कराया गया है। यहां पर प्रतिदिन 140 टन कूड़े का निस्तारण किया जाता है। एमआरएफ सेंटर 5.95 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है। शहर से रोजाना 25 बड़ी गाड़ियां कूड़ा लेकर खिलौली जाती हैं। इसमें काफी ईंधन का खर्च होता है। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक ककरा में गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग करने का काम किया जाएगा। इसके बाद कैप्सूल के माध्यम से गीला कूड़ा खिलौली भेजा जाएगा। प्रति कैप्सूल पांच बड़ी गाड़ी का कूड़ा आ जाता है। इससे कूड़ा ले जाने में ईंधन का खर्च कम होगा। इसके साथ ही वाहनों को खड़े करने के लिए पार्किंग बनाई जाएगी। इसमें वाहनों को ठीक करने के लिए वर्कशॉप भी बनाया जाएगा।

प्रदूषण से लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर

एमआरएफ सेंटर पर लाखों टन कूड़े का अंबार लगा हुआ है। पास में ककराकलां, ककराखुर्द, सुभाषनगर कॉलोनी, मामूड़ी, महमंद हद्दफ आदि मोहल्ले हैं। हवा की रुख इन मोहल्लों की तरफ होने पर वहां दुर्गंध से लोगों का बुरा हाल हो जाता है। इसके साथ ही यहां काम करने वाले कर्मचारी कूड़ा निस्तारण करने की जगह उसको जला देते हैं। इसकी वजह से भी लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है। प्रदूषण की चपेट में आकर लोग बीमारी का शिकार हो रहे हैं।


शहर में लाखों की कीमत से लगे ऑटोमेटिक ट्रांसफर स्टेशन बंद
नगर निगम क्षेत्र में अग्निशमन कार्यालय के पास, अजीजगंज, रोजा में नए रोडवेज बस अड्डा के पास, न्यू ककरा सिटी में ऑटोमेटिक ट्रांसफर स्टेशन लाखों की कीमत से बनाए गए थे। ये अब बंद पड़े हुए हैं। यहां पर पर वाहन चालक कूड़ा डाल देते हैं। बाद में बड़े वाहन इसको भरकर खिलौली ले जाते हैं। जो फर्म इन स्टेशनों को चलाती थी, उसका अनुबंध खत्म कर दिया गया। इसके बाद वह न्यायालय चली गई। नगर निगम अभी तक इनको शुरू नहीं कर पाया है।

कूड़ा निस्तारण के लिए ककरा में एफआरएफ सेंटर में स्मार्ट ट्रांसफर सेंटर का निर्माण कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। डीपीआर तैयार किया जा रहा है। इससे कूड़ा निस्तारण में तेजी आएगी।
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- डॉ. बिपिन कुमार मिश्र, नगर आयुक्त

ककरा स्थित एमआरएफ सेंटर पर पड़ा कूड़ा। संवाद

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