शाहजहांपुर। रक्षाबंधन से एक दिन पहले बृहस्पतिवार को महिलाओं और उनके सहयात्रियों के लिए रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा के चलते बस अड्डे पर यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। ऐसे में बस के इंतजार से लेकर सीट पाने तक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर रेलवे स्टेशन पर भी ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं रही। जनरल कोच भरने के बाद यात्रियों ने लगेज, महिला और दिव्यांग कोच तक में कब्जा कर लिया।
मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत बृहस्पतिवार सुबह छह बजे से महिलाओं और उनके सहयात्रियों के लिए रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा शुरू हुई। रात में आने वाली ट्रेनों के यात्री भी सुबह बस अड्डे पहुंच गए। छह बजे के बाद यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ती गई। लखीमपुर और सीतापुर रूट पर सबसे अधिक भीड़ रही। बस आते ही उसमें सवार होने के लिए यात्रियों में धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कई यात्रियों ने खिड़की से बैग अंदर रखकर सीट घेरी। सीट पाने के लिए पूरे दिन मारामारी जैसी स्थिति बनी रही।
दिल्ली, बरेली, फर्रुखाबाद और लखीमपुर जाने वाली बसों में भी काफी भीड़ रही। स्थानीय स्तर पर बसों के फेरे बढ़ाए जाने के बाद भी यात्रियों की संख्या के मुकाबले बसें कम पड़ गईं। बस अड्डे पर यात्रियों को यह भी जानकारी नहीं थी कि किस रूट की बस कहां मिलेगी। इससे वे एक स्थान से दूसरे स्थान तक भटकते रहे। यात्रियों की परेशानी देखते हुए एआरएम अरुण कुमार ने खुद मोर्चा संभाला और यात्रियों को बसों में सवार कराया।
दिल्ली रूट पर सबसे ज्यादा 60 बसें
परिवहन निगम ने दिल्ली से आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या को देखते हुए इस रूट पर सबसे ज्यादा 60 बसें लगाई हैं। सामान्य दिनों में दिल्ली रूट पर करीब 20 बसें संचालित होती हैं। लखनऊ के लिए 20, फर्रुखाबाद के लिए 20, बरेली के लिए 20, कानपुर के लिए 15 और पलिया के लिए 10 बसें लगाई गई हैं। पीलीभीत रूट पर सबसे कम दो बसें संचालित की जा रही हैं। निगम अधिकारियों का कहना है कि पीलीभीत के लिए ट्रेन सेवा उपलब्ध होने के कारण वहां के लिए पर्याप्त यात्री नहीं मिलते।
रेलवे स्टेशन पर भी उमड़े यात्री
रक्षाबंधन से एक दिन पहले रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की काफी भीड़ रही। पहले से यात्रियों से भरी आ रहीं ट्रेनों के जनरल कोच में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। मजबूरी में यात्रियों ने लगेज, महिला और दिव्यांग कोच पर भी कब्जा जमा लिया। इधर, यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने टिकट काउंटरों को निरंतर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। सीएमआई एसके ठाकुर ने बताया कि रक्षाबंधन को लेकर विशेष ट्रेन भी चलाई गई है। आरपीएफ के कंपनी कमांडर जितेंद्र यादव ने बताया कि भीड़ को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है और ट्रेनों की निगरानी की जा रही है।
217 गाड़ी परिवहन निगम के बेड़े में हैं।
79 अनुबंधित बसों का होता है संचालन।
148 सरकारी बसें भी दौड़ रहीं।
निगम की 217 बसों का संचालन हो रहा है। महिला के साथ सहयात्री के लिए भी यात्रा निशुल्क है। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है और स्थानीय स्तर पर बसों के फेरे भी बढ़ाए गए हैं।
-अरुण कुमार, एआरएम
रोडवेज बस पर चढ़ने का प्रयास करते यात्री। संवाद
रोडवेज बस पर चढ़ने का प्रयास करते यात्री। संवाद
रोडवेज बस पर चढ़ने का प्रयास करते यात्री। संवाद
रोडवेज बस पर चढ़ने का प्रयास करते यात्री। संवाद
रोडवेज बस पर चढ़ने का प्रयास करते यात्री। संवाद