तिलहर के मोहल्ला मौजमपुर स्थित रोडवेज बस स्टैंड। संवाद
तिलहर। मौजमपुर मोहल्ले के पुराने बस स्टेशन पर रोडवेज बसें आए बगैर लखनऊ-दिल्ली हाईवे के बाइपास चौराहा से सीधे निकल जाने से परेशान यहां के लोगों को जल्द राहत मिल जाएगी। नया बस अड्डा बनाने के लिए प्रशासन ने हाईवे के बाइपास पर मंडी समिति के पास दो एकड़ जमीन चिह्नित कर उसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। शासन से प्रस्ताव को स्वीकृति मिलते ही बस अड्डे का निर्माण कार्य शुरू हो जाने की उम्मीद है।
दो दशक पहले तक शाहजहांपुर और बरेली की ओर से आने वाली स्थानीय डिपो समेत लंबे मार्गों पर चलने वालीं रोडवेज बसें मोहल्ला मौजमपुर के पुराने बस स्टैंड पर जाकर यात्रियों को चढ़ने-उतरने का मौका देती थीं। हाईवे का बाइपास बनने के बाद अधिकांश बसें बाइपास चौराहे से निकलने लगीं।
इस कारण सफर को निकले यात्रियों ने वहां जाना छोड़ दिया और विभिन्न दिक्कते झेलते हुए बाइपास चौराहे पर खड़े होकर बसों का इंतजार करना शुरू कर दिया। लोगों की इसी समस्या को लेकर व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष सौरभ गुप्ता उर्फ रवि सहित कई लोगों ने कुछ माह पूर्व विधायक सलोना कुशवाहा को लिखित रूप से अवगत कराया।
विधायक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवहन मंत्री से हाईवे के बाइपास पर नए रोडवेज बस स्टैंड का निर्माण कराने की मांग रखी। बाद में प्रशासन भी इस दिशा में सक्रिय हो गया। डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदानंद सरोज ने करीब एक माह पहले बाइपास पर मंडी समिति के पास चीनी मिल की दो एकड़ जमीन पर बस स्टैंड बनाने का प्रस्ताव डीएम को भेज दिया।
एसडीएम ने बताया कि नए बस अड्डे का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है और उसे जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाइपास पर रोडवेज बस स्टैंड बनने से दिल्ली, लखनऊ आदि लंबी दूरी तय करने वाली बसों का ठहराव सुनिश्चित होने से यात्रियों को बहुत सुविधा हो जाएगी।