शाहजहांपुर में सांसद अरुण सागर को ज्ञापन देते प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी। स्रोत: संगठन
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शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने टीईटी की अनिवार्यता को अव्यवहारिक बताते हुए प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सांसद अरुण सागर को दिया। मामले को लोकसभा में उठाने की मांग की।
जिलाध्यक्ष मुनीश मिश्रा के नेतृत्व में ज्ञापन देकर बताया गया कि उत्तर प्रदेश में 29 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को सेवाओं में जारी रखने व वेतनमान-पदोन्नति के लिए टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए। शिक्षकों को सेवा में रखने के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने, शैक्षणिक योग्यता के आधार पर पूर्व नियुक्त शिक्षकों को वेतनमान, पदोन्नति एवं सेवा लाभ प्रदान करने, न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की गई।
ज्ञापन देने वालों में जिला मंत्री देवेश बाजपेई, रवींद्र पाल प्रजापति, राजकुमार तिवारी, डॉ.विनय गुप्ता, अश्विनी अवस्थी, राजकमल आर्य, अरविंद त्रिपाठी, आनंद गंगवार, शुभम् शुक्ला, अरविंद गौतम, उमेश चंद्र सक्सेना, अभिनय मिश्रा आदि मौजूद रहे।