शाहजहांपुर। सिपाही बनने की चाहत में मीलों लंबा सफर तय कर आने वाले अभ्यर्थियों ने परीक्षा देने को तमाम दुश्वारियाें को सहन किया। स्टेशन और बस अड्डे पर रात गुजारी। बस में सीट घेरने को खिड़की से घुसे। धक्का-मुक्की सहन की। तब बस के अंदर प्रवेश कर अपने घर पहुंचे। ट्रेनों की स्थिति भी ठीक नहीं थी। यात्रियों ने बोगी के पायदान पर लटककर सफर किया।
पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए परिवहन निगम ने पर्याप्त बसों के होने का दावा किया था। दिल्ली रूट की बसों को हटाकर अभ्यर्थियों के लिए लगा दिया। फिर भी व्यवस्थाएं पटरी से उतर गई। रविवार को दूसरी पाली की परीक्षा खत्म होने के बाद रोडवेज बस अड्डे पर भीड़ उमड़ पड़ी। लखनऊ, बरेली और लखीमपुर के अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने के चलते बसें कम पड़ गईं। ऐसे में बस आते ही सीट को घेरने की मशक्कत शुरू हो गई। अंदर पहले घुसने को लेकर धक्का-मुक्की तक हो गई। खिड़की से अंदर प्रवेश कर सीट घेर ली। जल्दी घर पहुंचने के लिए अभ्यर्थियों ने दूसरी बस के आने का इंतजार नहीं किया। उन्होंने खड़े होकर सफर करना मुनासिब समझा।
इसी तरह रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का सफर भी बेहतर नहीं रहा। अप और डाउन लाइन की ट्रेनों पर खूब भीड़ रही। पहले से भरकर आने वाली ट्रेनों की बोगियों में सवार होने को लेकर मशक्कत करना पड़ी। कुछ बोगी में सवार हो गए तो बहुत से यात्रियों ने जिंदगी को दांव पर लगाकर पायदान पर लटककर सफर किया। इस बीच आरपीएफ और जीआरपी भी नजर बनाए रही, लेकिन युवाओं की भीड़ के आगे किसी की एक नहीं चली।
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दिल्ली रूट की बसें रवाना की
-रविवार की शाम तक अभ्यर्थियों की भीड़ खत्म हाेने के बाद परिवहन निगम ने अपनी पुरानी सेवाओं को बहाल कर दिया। दिल्ली रूट की बसों की सेवाएं फिर से शुरू कर दी गई। दिल्ली जाने वाले मार्ग पर 25 बसों का संचालन होता था। पुलिस भर्ती के चलते मुरादाबाद तक बसें चलाई जा रही थी।
-तीन दिन की परीक्षा खत्म होने होने के बाद अभ्यर्थियों की भीड़ समाप्त हो गई। निरस्त सेवाओं को पुन: बहाल कर दिया गया है।
शैलेंद्र प्रकाश, प्रभारी एआरएम