निगोही। दो बच्चों की डूबने से हुई मौत के बाद मंगलवार को पतराजपुर गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। हादसे के दूसरे दिन भी विनय और करन के घरों में चूल्हे नहीं जले। मां की रुदन से माहौल गमगीन रहा।
सोमवार को स्कूल की छुट्टी होने के कारण विनय और करन गांव से करीब दो किलोमीटर दूर बारिश का पानी देखने गए थे। कैमुआ नाला के पास खोदे गए गड्ढे में नहाते समय दोनों गहरे पानी में चले गए और डूब गए। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया था। शाम को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
करन के बड़े भाई राजन ने बताया कि छोटे भाई की मौत के बाद से उनकी मां सुनीता ने खाना नहीं खाया है। वह बेटे को याद कर बार-बार रो रही हैं। विनय की मां ममता देवी भी सदमे में हैं। विनय के पिता राजीव मौर्य और भाइयों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। तहसीलदार आदेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री दैवीय आपदा के तहत दोनों परिवारों को सरकारी सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
छह साल में पांच बच्चों की मौत
गांव में डूबने से बच्चों की मौत का यह पहला हादसा नहीं है। वर्ष 2020 में एक बच्चे और जुलाई 2022 में राजीव की दो नाबालिग पुत्रियों की तालाब में डूबने से मौत हुई थी। अब विनय और करन की मौत के बाद छह साल में पांच बच्चों की जान जा चुकी है। दोनों बच्चों के स्कूलों में मंगलवार को शोकसभा के बाद अवकाश कर दिया गया।