खुटार। फर्जी वसीयत कराने का आरोप लगाते हुए खुटार के गांव सहारु निवासी सोनू ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सोनू ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि गांव कढ़ैया मयचक नरौठा निवासी उनके चचेरे बाबा सीताराम ने कोई वसीयत नहीं की थी। सोनू के चचेरे चाचा गांव कढ़ैया मयचक नरौठा निवासी जयकरन सिंह ने 30 अप्रैल 2020 को वसीयत लिखवाई, जिसमें सीताराम के स्थान पर जयकरन ने अपना मोबाइल नंबर डलवा दिया। इससे साबित होता है कि वसीयत फर्जी है।
एक मई 2020 को सीताराम की मौत हो गई। वसीयत फर्जी होने के कारण पुवायां में पंजीकृत न कराकर एक मार्च 2023 को बिजनौर के तहसील धामपुर के उपनिबंधक कार्यालय में वसीयत पंजीकृत करा ली गई, जबकि वसीयत कराने वाले जयकरन सिंह कभी भी मौज्जमपुर जैतरा, जनपद बिजनौर में नहीं रहे। सोनू के अनुसार वसीयत उनके पिता गजेंद्र प्रसाद का हक मारने की नीयत से कराई गई थी।
वसीयत में गांव कढ़ैया मयचक नरौठा निवासी जगदीश सिंह, पुवायां के गांव मुडिगवां के मुकेश ने गवाही दी है। फर्जी वसीयत के आधार पर छह दिसंबर 2025 को संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। मना करने पर जयकरन सिंह, रामसागर सिंह, विशेष कुमार, आशा देवी, विवेक कुमार, पवन कुमार, गांव बुझिया के अहिवरन ने सोनू को पीटकर घायल कर दिया। पुलिस के रिपोर्ट दर्ज नहीं करने पर सोनू ने कोर्ट की शरण ली थी। थाना प्रभारी श्यामवीर सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।