खुटार। गांव बुझिया के पास बृहस्पतिवार सुबह एक छुट्टा गाय ने बछिया को जन्म दिया, लेकिन शाम को बाघ ने गाय को मार डाला और जंगल में खींच ले गया। गांव के लोग बछिया को घर ले आए हैं। बाद में लोग बछिया को गांव उठा ले गए हैं।
कई गांवों के पास तेंदुआ और बाघ घूम रहे हैं। वन्य पशु निहालपुर, हिमंचलपुर, बेला आदि के पास छुट्टा पशुओं को मार चुके हैं। इससे किसान और श्रमिक परेशान हैं, लेकिन वनकर्मी ध्यान नहीं दे रहे हैं। गांव के लोगों ने बताया कि गांव के पास कई बार बाघ आ चुका है। लोग शोर-शराबा करते हैं तो बाघ खेतों में चला जाता है और कई बार जंगल चला जाता है। बाद में बाघ फिर से गांव के पास आ जाता है। इससे श्रमिक खेतों में काम करने से बच रहे हैं।
काम कराने के दौरान कुछ श्रमिकों को लाठी लेकर खड़ा करना पड़ता है और शोरशराबा करना पड़ता है। इससे गन्ने की छिलाई भी प्रभावित हो रही है। रेंजर ने बताया कि गाय को मार जाने की जानकारी नहीं है। वनकर्मियों को भेजकर जांच कराई जाएगी।