विद्यालय खुलने की बच्चों में नजर आई उत्सुकता
- स्कूल बैग, पैन आदि की बच्चों ने खूब की खरीददारी
- शिक्षा विभाग के लोगों ने नहीं दिखाई खास रुचि
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। गर्मियों की छुट्टियां खत्म होने के बाद मंगलवार से नए शैक्षणिक सत्र का आगमन होगा। बाबा-दादी, नाना-नानी, बुआ-फूफा, मामा-मामी, चाचा-चाची के घरों के साथ ही कई पर्यटन स्थलों पर भी घूम कर आए बच्चों में स्कूल जाने की अच्छी उत्सुकता नजर आई। इसको लेकर बच्चों ने खूब तैयारियां भी कीं।
शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के एक दिन पहले बच्चे अपने स्कूल के लिए तैयारी करते नजर आए। साथ ही जिन बच्चों की तैयारियां अधूरी रह गईं थीं, उन्होंने बाजार से सामान खरीदकर उन्हें पूरा किया। छुट्टियों के बारे में अपने दोस्तों को बताने और क्लासमेट से मिलने की उत्सुकता भी बच्चों के चेहरों पर दिखी। नए दोस्तों और नई क्लास में पदार्पण करने की तैयारी में बच्चे कोई कमी नहीं छोड़ना चाहते हैं, इसलिए तैयारी करते हुए दिखे।
परिषदीय विद्यालयों सहित बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित तमाम स्कूल मंगलवार को खुलेंगे। विद्यालय खुलने से पहले ही विद्यालयों में साफ-सफाई करवाने सहित तमाम व्यवस्थाएं ओके करने के निर्देश बीएसए पहले ही दे चुके हैं, जिससे कि शैक्षिक सत्र के पहले दिन कक्षा आठ तक के बच्चों को नि:शुल्क मिलने वाली पुस्तकों का वितरण सभी विद्यालयों में किया जा सके। नए शैक्षिक सत्र का आगाज बेहतर ढंग से करने के लिए दिए गए निर्देशों का असर नजर भी आया।
जिले में पहुंच चुकी 12 लाख से अधिक पुस्तकों को सभी ब्लाक संसाधन केंद्रों पर भेजा चुका है। इस पुस्तकों को विद्यालयों में भेजने का काम सोमवार को जारी रहा। इससे अधिकांश विद्यालयों में पुस्तक वितरण होने की संभावना है। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी पुस्तकें पाने की खुशी है, इसलिए वे भी फर्स्ट जुलाई को स्कूल जाने की तैयारियों में मशगूल नजर आए।
वहीं नगर क्षेत्र सहित पूरे जिले के तमाम स्कूलों को शैक्षणिक सत्र से एक दिन पहले खोला तक नहीं गया। साफ-सफाई करना तो दूर की कौड़ी है। विभाग के लोगों के द्वारा रुचि न लेने से परेशानी बच्चों को होगी। बीएसए के आदेशों को दरकिनार करते हुए कई विद्यालयों ने किचन, रसोई, मसाले आदि की जांच करना जरूरी तक नहीं समझा। वहीं कई विद्यालयों में खराब पड़े खेल उपकरणों को भी एक माह की छुट्टियों में सही करवाने की जहमत नहीं उठाई गई।
‘शिक्षा-सत्र के पहले दिन सभी विद्यालयों में पुस्तक वितरण करवाया जाना है। विद्यालयों में साफ-सफाई करने के साथ ही सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए अध्यापकों को निर्देशित किया जा चुका है, जिससे पहले दिन सभी कार्य सुचारू किए जा सकें।’
- मनोज कुमार वर्मा, बीएसए