चिलचिलाती धूप में जाम में फंसे रहे सैकड़ों लोग
- सीओ और प्रभारी निरीक्षक के आश्वासन पर लोगों ने खोला जाम
- शाहवाज नगर के परशुराम मरणासन्न हालत में शुक्रवार को पड़े मिले था
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। थाना सदर बाजार क्षेत्र के गांव शाहवाज नगर निवासी परशुराम की मौत के मामले में मृतक के घरवालों ने शुक्रवार को दोपहर बाद शव को गदियाना मोड़ पर रास्ते में रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर मौके पर पहुंचे सीओ और कोतवाली प्रभारी के आश्वासन पर जाम खुलवाया जा सका। इस प्रकरण में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
बता दें कि बृहस्पतिवार को शाहवाज नगर की नई बस्ती में क्षेत्र के ही 60 वर्षीय परशुराम मरणासन्न हालत में अपने मकान के समीप स्थित खंडहर में पड़े पाए गए। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। मृतक के भाई रामविलास ने थाना में तहरीर देकर गांव के अर्जेंट, कृपाल, जंटर यादव उर्फ राकेश पर भाई की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर एनसीआर दर्ज कर ली थी।
पोस्टमार्टम के बाद घरवालों ने शुक्रवार को परशुराम के शव को गदियाना मोड़ पर रखकर जाम लगा दिया, जिससे चिलचिलाती धूप में जाम में फंसे लोग तड़प उठे। जाम की सूचना मिलते ही सीओ सिटी राजेश्वर सिंह, थाना सदर बाजार प्रभारी यतेंद्र भारद्वाज मौके पर पहुंच गए और सभी को समझाकर जैसे-तैसे जाम खुलवाया। मृतक के घरवाले दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
फेफड़ों की बीमारी से हुई
परशुराम की मौत: यतेंद्र
थाना सदर बाजार प्रभारी यतेंद्र भारद्वाज ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक परशुराम की मौत फेफड़ों में गंभीर बीमारी के चलते सामने आई है। उसके शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं था। उन्होंने बताया कि एक दिन पूर्व ही इन लोगों का झगड़ा हुआ था, जिसमें एक पक्ष की एनसीआर दर्ज कर ली गई थी, इसमें परशुराम का नाम भी शामिल था। अगले ही दिन परशुराम की मौत का समाचार आ गया। ऐसे में मृतक के घरवाले उसकी हत्या का आरोप लगा रहे है। फिलहाल परशुराम के भाई राम विलास की तहरीर पर एनसीआर में दर्ज सभी लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।