एडीईएन से की वार्ता, तीखे सवालों की झड़ी लगाई
- सहायक मंडल अभियंता ने रद्द किया स्थानान्तरण
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। नार्दन रेलवे मेंस यूनियन (नरमू) छोड़कर हाल ही में उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन (उरमू) की सदस्यता लेने वाले कर्मचारी नेता का तबादला दूसरे स्टेशन पर कर देने से उरमू के पदाधिकारी बृहस्पतिवार को भड़क उठे। उन्होंने गोविंदगंज स्थित सहायक मंडल अभियंता केके शर्मा के कार्यालय जाकर दो टूक लहजे में वार्ता की। उरमू पदाधिकारियों ने एडीईएन पर यूनियन की गुटबाजी में संलिप्तता का आरोप लगाते हुए तीखे सवाल किए तो बैकफुट पर आए सहायक मंडल अभियंता ने स्थानान्तरण रद्द कर दिया।
उत्तर रेलवे के स्थानीय स्टेशन पर ट्रैक मैन के तौर पर कार्यरत प्रमोद कुमार ने गत सप्ताह दो अन्य पदाधिकारियों के साथ नरमू से नाता तोड़कर उरमू की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। यूनियनों से जुड़े कर्मचारी नेताओं को स्थानान्तरित करने से पहले उनके मंडलीय नेतृत्व से परामर्श करने की रेलवे में परंपरा है, लेकिन एडीईएन शर्मा ने ऐसी प्रक्रिया अपनाए बगैर कर्मचारी नेता प्रमोद का तबादला बंथरा स्टेशन कर दिया। इसी के विरोध में उरमू से जुड़े पदाधिकारी मुरादाबाद से आए मंडल उपाध्यक्ष शलभ सिंह और शाखा सचिव राजीव शर्मा के संयुक्त नेतृत्व में एडीईएन आफिस जा धमके।
कर्मचारी नेताओं ने सहायक मंडल अभियंता से जल्दबाजी में किए गए तबादले की वजह पूछी। एडीईएन ने इसे अपना अधिकार बताया तो कर्मचारी नेता भी भड़क उठे। उन्होंने एडीईएन पर नरमू नेतृत्व के दबाव में काम करने और इसी वजह से ट्रैकमैन प्रमोद का तबादला करने का आरोप लगाते हुए इससे पूर्व दिए जा चुके 28 सूत्री मांग पत्र से जुड़े अन्य कई सवाल किए। कर्मचारी नेताओं के तीखे तेवर देख एडीईएन ने स्थानान्तरण आदेश रद्द करके उरमू पदाधिकारियों को संतुष्ट करने की कोशिश की। वार्ता में यूनियन की ओर से रामचंद्र, अजय सक्सेना, राकेश चंद्र, बच्चू लाल, कृष्ण गोपाल पांडेय, राशिद हुसैन, एमए सिद्दीकी, नूर मोहम्मद आदि शामिल रहे।