प्राथमिक विद्यालय नवादा
- मिड डे मील बनवाए के लिए बच्चों ने किया हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। परिषदीय विद्यालयों का अभी छह दिन पहले ही हुए जिलास्तरीय निरीक्षण के बाद भी वहां पर पढ़ाने वाले शिक्षकों का रवैया बदल नहीं रहा है। विद्यालय खुलने के समय देर से जाना और समय से पहले विद्यालय बंद कर देने को कुछ शिक्षकों ने अपनी आदत में शुमार कर लिया है।
ऐसी ही स्थिति नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नवादा में साढ़े 11 बजे देखने को मिली। विद्यालय बंद हो चुका था। वहां पर कोई भी शिक्षक और शिक्षामित्र मौजूद नहीं था। साथ ही बच्चे टायर चलाते हुए दौड़ रहे थे, तो कुछ आपस में खेलने में व्यस्त थे।
बच्चों ने बताया कि कि विद्यालय में बीते चार दिनों से एमडीएम भी नहीं बन रहा है। बच्चों को समोसे, बिस्कुट आदि खिलाकर काम चलाया जा रहा है। विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों ने खाना बनवाए जाने की मांग करते हुए खूब शोर-शराबा किया। ऐसे कुछ बच्चों ने ‘अमर उजाला’ को अपनी कुछ परेशानियां भी बताईं।
राइस मिल का घंटा बजने पर होती है छुट्टी
छात्र अरविंद ने बताया कि मैडम पास के ही राइस मिल में घंटा बजने पर छुट्टी कर देती हैं। इसके बाद हम लोग यहां पर खूब खेलते रहते हैं। घर जल्दी जाते हैं तो घरवाले डांटते हैं।
बहुत अच्छी हैं मैडम
समोसे खिलाती हैं
हमारे स्कूल वाली मैडम बहुत अच्छी हैं, कहते हुए छात्र विपिन ने बताया कि वह दूसरे स्कूलों की तरह दाल रोटी, कढ़ी-चावल नहीं खिलातीं। वह तो गर्मागर्म समोसे खिलाती हैं।
काफी देर रहना
पड़ता है भूखा
थोड़ा उदास होते हुए छात्र महेंद्र ने कहा कि स्कूल में दोपहर का खाना बनता नहीं है। सुबह इतनी जल्दी घर से आते हैं कि खाना नहीं पाता है और स्कूल में भी खाना न मिलने से काफी देर तक भूखा रहना पड़ता है।
‘प्राथमिक विद्यालय नवादा का इससे पहले भी निरीक्षण हो चुका है। तब वहां पर लोगों ने शिक्षक और शिक्षामित्रोें के गैरहाजिर रहने की शिकायत की थी। उन मामलों की जांच आख्या भी बीएसए को प्रेषित की जा चुकी है। ’
- मुन्नालाल त्रिवेदी, नगर शिक्षा अधिकारी