संतृप्त नहीं हो पाए दो साल पहले चयनित हुए गांव
- कई योजनाओं के लिए नहीं मिल सका पर्याप्त बजट
अनूप वाजपेयी
शाहजहांपुर। डॉ. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के तहत चयनित गांवों में विकास कार्य लोकसभा चुनाव की अधिसूचना प्रभावी होने से पिछड़ रहे हैं। हाल यह है कि दो साल पहले चयनित लोहिया समग्र गांव अभी तक विभिन्न योजनाओं से संतृप्त नहीं हो सके हैं। यही नहीं, बीते वित्त वर्ष में चुने गए लोहिया गांवों के सर्वांगीण विकास को विभिन्न मदों में बजट की कमी आड़े आ रही है।
सूबे की सपा सरकार द्वारा 17 मई को प्रभावी की गई इस योजना केतहत चयनित गांवों में कांग्रेस के 20 सूत्रीय कार्यक्रम की तर्ज पर विभिन्न श्रेणियों के विकास कार्यों सहित 41 बिंदुओं पर काम होना था। जिले में योजना को प्रभावी बनाने के लिए वित्त वर्ष 2012-13 में विभिन्न विकास खंडों के 23 गांव चयनित किए गए। इन गांवों में विभिन्न विकास कार्यों के लिए कार्यदायी संस्थाएं भी नियुक्त की गईं। तब तक वित्त वर्ष के छह माह बीत गए।
इस बीच विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए स्वीकृत बजट केसापेक्ष जो धनराशि मिली, उसे खर्च किए जाने के बावजूद काम पूरे नहीं हो सके। इन लोहिया गांवों का संतृप्तीकरण होने से पहले ही जिले के प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में वित्त वर्ष 2013-14 के लिए 30 नए लोहिया समग्र गांव चयनित कर लिए गए। चूंकि, शासन ने पुराने लोहिया गांवों तक सभी योजनाएं पहुंचाने को दबाव बनाया। इसलिए प्रशासनिक मशीनरी 2012-13 के लोहिया गांवों में विकास कार्यों पर जोर देती रही। नतीजा यह हुआ कि पर्याप्त बजट के अभाव में पुराने लोहिया गांव संतृप्त नहीं हो पाए और नए चयनित लोहिया गांव उपेक्षित रहे। अब चुनाव अधिसूचना लागू होने से न तो अतिरिक्त बजट की मांग की जा रही है और न ही इन गांवों की विकासात्मक समीक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है।
वित्त वर्ष 2012-13 के
लोहिया समग्र गांव
खुदागंज ब्लॉक के पहाड़ीपुर दिबियापुर, जैतीपुर ब्लॉक के भरई, नगरिया, बरी प्रसिद्घपुर व मकरंदपुर, कलान ब्लॉक के तिहार व श्रीनगर, मिर्जापुर ब्लॉक के संगहा, जलालाबाद ब्लॉक के बझेड़ा महुआ डांडी, तिलहर ब्लॉक के जनिउरी, निगोही ब्लॉक के गढ़ा, खुटार ब्लॉक के हर्रायपुर व नवाजपुर, बंडा ब्लॉक के नरेंद्रापुर, सिंधौली ब्लॉक के जमुनिया व पलिया, पुवायां ब्लॉक के जुझारपुर, ददरौल ब्लॉक के कपेड़ कटका, कांट ब्लॉक के नवादा रुद्रपुर, प्रहलादपुर, मथुरापुर व चौहनापुर और मदनापुर ब्लॉक के बमरौली गांव का चयन किया गया।
वित्त वर्ष 2013-14 के
लोहिया समग्र गांव
इस वित्त वर्ष के लिए चयनित 30 गांवों में भावलखेड़ा ब्लॉक के नौसिया व रहीमपुर, ददरौल ब्लाक के हसनपुर रकूपा, हसुआ जाजू, गोबरसंडा, खिरिया हीर व पिंगरा पिंगरी, कांट ब्लॉक के कुर्रिया बहरी व डींगुरपुर, जलालाबाद ब्लॉक के गोरा महुआ गाड व रघुनाथपुर खास, मिर्जापुर ब्लॉक के दमुलिया व भरतपुर, कलान ब्लॉक के हरनोखा, दसिया व गंगोरा, जैतीपुर ब्लॉक के सोधा, तिलहर ब्लॉक के रजपुरा व मरेना, खुदागंज ब्लॉक के बैवहा, मदनापुर ब्लॉक के हरनरायनपुर जटेया, तिलहर ब्लॉक के हजरतपुर व चौढे़रा चौढ़ेरी, निगोही ब्लॉक केविक्रमपुर चकोरा, सिंधौली ब्लॉक के सहजना व उमरापुर पैगापुर, बंडा ब्लॉक के गहलुइया व कुंवरपुर रत्ती, खुटार ब्लॉक के नवदिया मनकंठ और पुवायां ब्लॉक के अगौना बुजुर्ग शामिल हैं।
इन बिंदुओं पर होना है काम
शासन के दिशा निर्देशों के अनुरूप लोहिया समग्र गांवों में संपर्कमार्ग, ग्रामीण विद्युतीकरण, गलियों व नालियों का निर्माण, स्वछ शौचालय, आवास, पेयजल, तालाब जीर्णोद्घार, प्राथमिक, जूनियर व माध्यमिक शिक्षण संस्थाओं की स्थापना, स्वास्थ्य उपकेंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र, वैकल्पिक विद्युत व्यवथा, स्ट्रीट लाइट, मनरेगा, स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना, नि:शुल्क बोरिंग, कृषि भूमि और आवासों के पट्टे, मत्स्य पालन व कुम्हारी कला केपट्टे, कौशल विकास कार्यक्रम, विभिन्न पेंशन, पशु टीकाकरण, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा परीक्षण आदि 41 बिंदुओं पर काम होना है।
यह है विकास का
आधा-अधूरा सच
वित्त वर्ष 2012-13 के सभी लोहिया गांव संपर्क मार्ग, विद्युतीकरण, पेयजल, तालाब जीर्णोद्घार, शौचालय आदि से संतृप्त हो चुके हैं, लेकिन आंतरिक गलियों के लिए नौ गांव अभी तक तरस रहे हैं। शासन को गत 31 मार्च तक की भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि गलियों के निर्माण के लिए स्वीकृत 4.60 करोड़ रुपये की धनराशि देर से मिल सकी। इसी तरह 18 गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र लक्ष्य के सापेक्ष स्वीकृति केवल नौ केंद्रों की मिली और उसमें भी सिर्फ आठ केंद्र बन पाए।
बीते वित्त वर्ष के लोहिया गांव विकास की कसौटी पर ज्यादा कमजोर हैं। इस वर्ष 17 गांवों के संपर्क मार्ग बने थे, लेकिन बजट की धनराशि देर से और पूरी नहीं मिल पाने के कारण दस संपर्क मार्ग बन सके। विद्युतीकरण भी गांवों में शुरू हुआ, लेकिन पूरा कहीं नहीं हो पाया। इसी तरह आंतरिक गलियों के लिए 6.30 करोड़ की डिमांड केसापेक्ष सिर्फ 167.63 लाख रुपये जारी होने से केवल एक गांव संतृप्त हो सका। आंगनबाड़ी केंद्र नौ बनने थे, लेकिन इस मद में बजट ही नहीं मिला। इसी तरह 30 गांवों में 6209 शौचालयों के विपरीत 16 गांवों में 3105 शौचालय बन पाए हैं।
मतगणना बाद शुरू
होंगे विकास कार्य
‘लोहिया गांवों में जो भी विकास कार्य रुके हैं, उनकेलिए बजट की डिमांड चुनाव से पहले भेजी जा चुकी है। उम्मीद है कि चुनाव अधिसूचना की अवधि खत्म होने के बाद मांग के अनुरूप बजट की धनराशि अवमुक्त हो जाएगी। लोकसभा चुनाव की मतगणना निपटने केबाद इन गांवों में अवशेष विकास कार्य शुरू हो जाएंगे।’
-डॉ. रमाशंकर मौर्य, मुख्य विकास अधिकारी