शुक्रवार को किशोरी से की थी छेड़छाड़
- बाइक पर जबरिया बैठाने का किया था प्रयास
- लोगों ने पिटाई कर छीन ली थी कार्बाइन
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। शराबी सिपाही के खिलाफ कोई रिपोर्ट दर्ज किए बिना ही थाने से छोड़ दिया गया है। सिपाही पर शुक्रवार को एक किशोरी को जबरिया बाइक पर बिठाने और अभद्रता करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि तहरीर नहीं मिलने के कारण कार्रवाई नहीं की गई है। सिपाही के खिलाफ केवल जीडी में तस्करा डाला गया है।
गौरतलब है कि शाहजहांपुर के एक मिल मालिक की सुरक्षा में तैनात सिपाही कार्बाइन के साथ किसी काम से खुटार गया था। वापसी में उसने शराब पी। नशे में धुत सिपाही ने खुटार पुवायां मार्ग पर तेंदुआ मोड़ के पास आलू बीनने आई एक किशोरी को जबरिया बाइक पर बैठाने का प्रयास किया था। लड़की के शोर मचाने पर तमाम श्रमिक मौके पर आ पहुंचे थे और उन्होंने सिपाही को पिटाई कर दी थी। कार्बाइन तानने पर श्रमिकों ने सिपाही की कार्बाइन छीन ली थी। मामले की जानकारी पाकर पुलिस मौके पर पहुंची थी और सिपाही को बाइक और कार्बाइन के साथ थाने ले आई थी। देर शाम सिपाही का मेडिकल परीक्षण कराया गया था। पुलिस किशोरी को जबरिया बाइक पर बैठाए जाने की घटना और सिपाही की कार्बाइन छीने जाने से इंकार करती रही।
पुवायां के कोतवाली प्रभारी इफ्तेखार अहमद का कहना था कि सिपाही के पानी पीने के दौरान गलतफहमी के चलते लड़की ने शोर मचा दिया था। जिस कारण मामूली विवाद हो गया था। सिपाही का मेडिकल कराने के बाद जीडी में तस्करा डालकर मामले को समाप्त कर दिया गया है।
बाकी हैं कुछ सवालों के जवाब
सिपाही सरकारी कार्बाइन के साथ खुटार कैसे गया था? क्या अधिकारियों से इसकी अनुमति ली गई थी। कार्बाइन गायब हो जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता? लड़की को बाइक पर जबरिया बिठाने और उससे अभद्रता करने के मामले में सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज की गई? सिपाही के अलावा किसी अन्य के इस प्रकार की घटना करने पर भी क्या उसे ऐसे ही छोड़ दिया जाता?
सिपाही की करतूत के बारे में अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। किसी के तहरीर नहीं देने के कारण रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
- इफ्तेखार अहमद, कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी पुवायां