सिविल बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष पर जानलेवा हमले का मामला
- सिविल और तहसील बार एसोसिएशन के वकील आए समर्थन में
- सीओ को ज्ञापन देकर रिपोर्ट एक्सपंज कराने की मांग रखी
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। सिविल बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष पर जानलेवा हमला करने और आरोपियों की ओर से उनके सहित छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किए जाने से आक्रोशित सिविल बार एसोसिएशन के वकील सोमवार को हड़ताल पर रहे। तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ता भी सिविल बार के समर्थन में हड़ताल पर रहे। वकीलों ने सीओ कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा।
रविवार को कोषाध्यक्ष पर हुए हमले को लेकर सिविल बार संघ के अध्यक्ष सुशील लल्ला और महामंत्री ओमपाल यादव ने वकीलों की बैठक कर घटना की निंदा की। वकीलों ने कहा कि कोषाध्यक्ष पर जानलेवा हमला भी किया और पुलिस ने उनके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कर ली। इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। इसके बाद सिविल बार एसोसिएशन की ओर से तहसील बार एसोसिएशन को मामले से अवगत कराते हुए समर्थन मांगा गया। इस पर तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र मिश्रा और महामंत्री सूर्यप्रकाश श्रीवास्तव ने आपात बैठक बुलाकर विचार-विमर्श किया और सिविल बार के समर्थन में हड़ताल का ऐलान कर दिया। दोनों बार एसोसिएशन की ओर से न्याय नहीं मिलने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया गया।
इसके बाद तमाम वकील सीओ कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए सीओ को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अधिवक्ता के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट को एक्सपंज किए जाने, अधिवक्ता पर हमला करने वालों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई।
सीओ ने मामले में न्यायोचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ज्ञापन देने के समय मनोज दीक्षित, अमरपाल गर्चा, केएन सिंह राठौर, अनूप कंचन, सच्चिदानंद मिश्रा, मनोज पटेल, केसी राजपूत, अवधेश मिश्रा, गोपाल अग्निहोत्री, शिखर रस्तोगी, अनिल सिंह, रामऔतार, बलवीर सिंह, श्रीकृष्ण बाजपेयी, राजूकृष्ण, इंद्रेश गुप्ता सहित तमाम वकील मौजूद रहे।
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पूरे जिले के वकीलों का लेंगे समर्थन
मंगलवार को सेंट्रल बार एसोशिएसन के पदाधिकारियों से मिलकर समर्थन मांगा जाएगा। तिलहर और जलालाबाद बार संघ को समर्थन के लिए पत्र भेजा जाएगा। पुलिस के रवैए के खिलाफ और अधिवक्ता को न्याय दिलाने के लिए पूरे जिले के वकीलों का समर्थन लिया जाएगा।
ओमपाल यादव महामंत्री सिविल बार एसोशिएसन पुवायां
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अधिवक्ता के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट की जितनी भी निंदा की जाए कम है। राजनीतिक दबाव में अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई हुई तो पूरे प्रदेश के वकील आंदोलन को बाध्य होंगे। अधिवक्ता पर हमला करने वालों की शीघ्र गिरफ्तारी होनी चाहिए।
-अजय शुक्ला, अध्यक्ष बार कौंसिल उत्तर प्रदेश
बार कोषाध्यक्ष समेत छह पर दर्ज हुई रिपोर्ट
0 अधिवक्ता ने 12 लोगों के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर
पुवायां। सिविल बार एसोशिएसन के कोषाध्यक्ष ने गांव के ही बारह लोगों के खिलाफ मारपीट, जानलेवा हमला, बलवा, और जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। दूसरे पक्ष की ओर से भी इन्हीं धाराओं में अधिवक्ता समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सिविल बार एसोशिएशन के कोषाध्यक्ष सुनील सिंह की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया गया है कि गांव के ही कुछ लोगों ने होलिका दहन स्थल पर कब्जा कर लिया था। उन्होंने मामले की शिकायत अधिकारियों से की थी। इसी रंजिश में रामसरन, रामकुमार, मिश्रीलाल, राजाराम, प्रताप, अफसर, गुड्डू, अवधेश, राकेश कुमार, रामनिवास, सुखदेव, झप्पुल ने रविवार को उन्हें घेर लिया और गाली गलौज करते हुए मारपीट की। इस दौरान फायरिंग भी की गई और आरोपी उन्हें पकड़कर घर ले गए। जान से मारने की नियत से फायर कर दिए जाने पर उन्होंने दीवार की आड़ लेकर जान बचाई।
उधर दूसरे पक्ष से राजाराम की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया गया कि अधिवक्ता सुनील सिंह, अनिल सिंह, डब्लू सिंह, केशवराम, नरेंद्र सिंह, धीरज ने रंजिशन जान से मारने की नियत से उसके ऊपर फायरिंग कर दी। फायरिंग में वह बाल-बाल बच गया। पुलिस ने बताया कि दोनों ओर से एक जैसी धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।