राज्य कर्मचारियों की हड़ताल का पांचवां दिन
- प्रदर्शनकारियों ने बीएसए कार्यालय में काम कर रहे कर्मियों को बिंदी लगाने का किया प्रयास
- चूड़ी-बिंदी पहनाते समय कर्मचारियों में हुई जमकर नोकझोंक
- हड़ताली कर्मियों ने एआरटीओ दफ्तर में तालाबंदी कराई
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के बैनर तले प्रांतीय आह्वान पर राज्य कर्मियों के विभिन्न संगठनों की ओर से की जा रही हड़ताल के पांचवें दिन कलक्ट्रेट में आज भी अफरातफरी का माहौल रहा। संगठन के तमाम पदाधिकारियों ने कई कार्यालयों को बंद कराने के लिए धावा बोल दिया। पदाधिकारियों ने एआरटीओ और बीएसए कार्यालयों में कर्मचारियों को जबरन काम छोड़ने के लिए मजबूर करते हुए कार्यालयों में ताले लटकवा दिए। इस दौरान कुछ कर्मचारियों को चूड़ी और बिंदी लगवाने का प्रयास किया गया। बाद में कर्मचारियों ने दोपहर दोबारा कार्यालय खोलने का प्रयास किया तो हड़ताली कर्मचारियों का दल फिर वहां पर पहुंच गया।
राज्य कर्मचारियों की हड़ताल के तीसरे दिन शनिवार को कर्मचारियों की संख्या कम देखकर हड़तालियों ने रोष जताया। फिर निर्णय लिया गया कि जो दफ्तर खुल रहे हैं, उन्हें वहां जाकर बंद कराया जाए और राज्य कर्मचारियों को हड़ताल स्थल पर बैठने के लिए बाध्य किया जाए। वहां पर संगठन के कुछ पदाधिकारियों की सहमति से मातृ एवं शिशु कल्याण कर्मचारी संघ की अध्यक्ष रजविंदर कौर के नेतृत्व में महिलाओं का एक समूह एआरटीओ दफ्तर में जा पहुंचा और हंगामा काटना शुरू कर दिया। हंगामा देखकर एआरटीओ कार्यालय में काम कर रहे कर्मचारियों ने अपनी जान बचाते हुए कार्यालय में ताला डाल दिया।
इसके बाद रजविंदर कौर कई कर्मचारियों के साथ बीएसए दफ्तर जा धमकीं। जहां काम कर रहे उर्दू अनुवादक जाहिद बाबू को हड़ताल में शामिल करने को कहा। ना-नुकुर करने पर महिला विंग ने उन्हें चूड़ी पहनाने और बिंदी लगाने की बात कहते हुए जब हाथ बढ़ाया तो जाहिद ने उनका हाथ झटक दिया। इस दौरान दोनों के बीच हॉटटॉक हो गई। बाद में जाहिद हड़ताल पर चले गए।
उधर, लेखा विभाग के संजीव सक्सेना शोर शराबा सुनकर कार्यालय से बाहर आ गए। इसके बाद बीएसए कार्यालय में भी तालाबंदी कर दी गई। हंगामे के दौरान कार्यालय में काम कर रहे अन्य लोग मौके से हट गए।
इधर, कलक्ट्रेट कार्यालय में कर्मचारी सारे दिन रुक-रुककर नारेबाजी करते रहे। साथ ही बीच-बीच में हंगामा भी होता रहा। धरना स्थल पर कर्मचारियों की आवाजाही सारे दिन जारी रही।
धरना स्थल पर पीडब्ल्यूडी के शैलेंद्र अवस्थी, उमेश भारती, रामकुमार, दिनेश सिंह, जितेंद्र सिंह यादव, मुनेश्वर सिंह, मुन्नालाल, महरम सिंह, अनिल दीक्षित, दिनेश सक्सेना, खालिद मजीद, ग्रीश चंद्र पांडे, दिनेश सिंह, मीना, सायरा, विजय लक्ष्मी, मीना पांडे आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
कर्मचारियों ने की सरकार
के खिलाफ नारेबाजी
- हड़ताल के लिए दोषी है सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। हड़ताल के लिए सरकार को दोषी बताते हुए राज्य कर्मचारियों ने शनिवार को तहसील परिसर में जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशानुसार हड़ताल जारी रहेगी।
तहसील परिसर में कर्मचारियों की सभा को संबोधित करते हुए अमीन संघ के पूर्व महामंत्री उमशेचंद्र अवस्थी ने कहा कि वेतन विसंगतियों पर कई संगठनों के प्रत्यावेदन के बाद भी निस्तारण नहीं किया गया। न्यायोचित मांगों पर भी शासनादेश नहीं जारी होने पर मजबूरन हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा। लेखपाल कृपाशंकर शर्मा ने कहा कि प्रदेश में लाखों कर्मचारियों के पद रिक्त हैं। सरकार इन पर नियुक्तियां करे तो बेरोजगारी की समस्या दूर हो सकती है। हड़ताल में अमीन संघ, स्वास्थ्य विभाग, आशा कर्मचारी, कुष्ठ विभाग,रसोंइया संघ, मलेरिया, फाइलेरिया कर्मचारी, राजस्व संग्रह अनुसेवक संघ सहित तमाम कर्मचारी शामिल रहे।
कर्मचारियों ने कहा कि हड़ताल में तमाम विभागों के कर्मचारियों की उपस्थित साबित करती है कि कर्मचारियों की सभी मांगे न्यायोचित हैं। सभा को शशि पांडेय, सरोजनी देवी, सुशीला देवी, सावित्री देवी, पूनम शुक्ला, देवीचरन, छत्तर सिंह, रामप्रकाश शर्मा, कमलेश कुमार, मनोज कुमार, शांतिस्वरूप, शिवाकांत बाजपेयी, नरसिंह, अवधेश बाजपेयी आदि ने भी संबोधित किया। इस दौरान तमाम कर्मचारी मौजूद रहे।
डिप्लोमा इंजीनियर्स का
धरना पांचवें दिन जारी
शाहजहांपुर। विभिन्न मांगों को लेकर डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ एवं राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के बैनर तले संयुक्त रूप से चल रहा धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। एम रहमान ने कहा कि 26 वषाें से मिल पदोन्नत वेतनमान सरकार छीनना चाहती है, इस मंशा को कभी पूरा नहीं होना नहीं दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग की है। इस दौरान शैलेंद्र अवस्थी, एचएन मिश्रा, भगवान सिंह, राजीव सिंह, संजीव दीक्षित, मनोहर प्रसाद, राम अवध, आरएन पाल आदि मौजूद रहे।