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बहादुरगंज के इनकमिंग फीडर में लगी आग

Sun, 29 Sep 2013 05:40 AM IST
Shahjahanpur
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चूहे की कारगुजारी से आठ हजार घरों की बिजली ठप
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- कीमती वैक्यूम इंट्रप्टर जलकर नष्ट, सभी फीडर बंद
- कवर खोलने पर चूहा सही-सलामत निकलकर भागा
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। बहादुरगंज के 33 केवी पॉवर सब स्टेशन में शनिवार को दोपहर में उस वक्त अफरातफरी फैल गई, जब वहां के कंट्रोल रूम में लगे इनकमिंग फीडर में अचानक आग लग गई। हालांकि, बिजली सप्लाई बंद करके कर्मचारियों ने आग से बड़ा हादसा होने से बचा लिया, लेकिन इस दौरान कीमती वैक्यूम इंट्रप्टर जलकर नष्ट हो जाने से क्षेत्र के करीब आठ हजार घरों की सप्लाई ठप हो गई। खास यह है कि इनकमिंग फीडर का कवर खोले जाने पर इस खराबी के पीछे चूहे की कारगुजारी पाई गई जो 11 केवी सर्किट के संपर्क में आने पर भी सही-सलामत निकल भागा।
रोजाना की तरह शनिवार सुबह दो घंटे की कटौती के बाद पूर्वान्ह 11 बजे बिजली सप्लाई शुरू हुई। दोपहर डेढ़ बजे तक सप्लाई जारी रही और बहादुरगंज सब स्टेशन के कार्यालयों में रोजाना की तरह काम होता रहा। इसी बीच, अचानक सप्लाई ठप होने के साथ कंट्रोल रूम से धुआं निकलने लगा। सब स्टेशन ऑपरेटर ने इनकमिंग फीडर को आग से घिरा देखा तो उसके होश उड़ गए। उसने शोर मचाकर लाइन स्टाफ को अलर्ट करने के साथ इनकमिंग फीडर की सप्लाई बंद कराई।
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इस कारण फीडर में लगी आग कुछ देर बाद बुझ गई। जेई शैलेंद्र पांडेय की सूचना पर अधिशासी अभियंता एके शुक्ला और एसडीओ इंद्रराज यादव भी मौके पर पहुंच गए और मेंटीनेंस वर्क शुरू कराया। इसके लिए स्टाफ ने जैसे ही फीडर का कवर खोला, उसमें से एक चूहा निकलकर भाग खड़ा हुआ। उसे देख लाइन स्टाफ को समझते देर नहीं लगी कि उसी की कारगुजारी से 11 केवी सर्किट शार्ट हो गया।
अभियंताओं के अनुसार फीडर मे लगी आग से वैक्यूम इंट्रप्टर बुरी तरह जलकर नष्ट हो गया। हालांकि, विभाग के स्थानीय स्टोर दो अतिरिक्त इंट्रप्टर हैं, लेकिन वे नियत स्थान पर फिट नहीं होने से बाहर से इंट्रप्टर मंगाया गया है। मार्केट में इस उपकरण की कीमत 50 हजार रुपये के आसपास है। फिलहाल, चूहे की कारगुजारी से बहादुरगंज सब स्टेशन के विभिन्न फीडरों से जुड़े आठ हजार से अधिक कनेक्शनों की सप्लाई ठप हो गई है। दिक्कत यह थी कि इनकमिंग फीडर से ही विभिन्न क्षेत्रों को बिजली देने वाले अन्य फीडर कनेक्ट होते हैं। इसलिए खराबी का असर बाकी फीडरों पर भी पड़ा और वे बंद हो गए। वैसे आमतौर पर कोई फीडर खराब होने पर उसे दूसरे चालू फीडर से जोड़कर काम चला लिया जाता था। इस बार इनकमिंग फीडर खराब होने की वजह से सब स्टेशन के तीनों ही सप्लाई फीडर बंद थे। किसी दूसरे सब स्टेशन से भी जोड़ना संभव नहीं था।


क्या है वैक्यूम इंट्रप्टर
पानी के टैंक भरने में इस्तेमाल होने वाले छोटे साइज के जेट पंप जैसा होता है वैक्यूम इंट्रप्टर। एसडीओ इंद्रराज यादव के मुताबिक यह उपकरण पॉवर लोड कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाता है और इसकी कार्य प्रणाली सर्किट ब्रेकर जैसी होती है। क्षमता से अधिक बिजली भार पड़ने पर फीडर का तापमान नियत सीमा से अधिक बढ़ने पर वैक्यूम इंट्रप्टर पॉवर सर्किट के बीच गैपिंग बनाकर बिजली प्रवाह रोक देता है और फीडर जलने से बच जाता है।
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सुबह तक सामान्य
हो सकेगी सप्लाई
बहादुरगंज सब स्टेशन के प्रभारी अवर अभियंता शैलेन्द्र पांडेय के अनुसार फीडर को जलने से बचाने वाला वैक्यूम इंट्रप्टर आग की भेंट चढ़ जाने से बहादुरगंज, घंटाघर, चमकनी अंटा, ताजूखेल (आंशिक), लकड़ी मंडी आदि इलाकों की बत्ती गुल हुई है। इसे किसी तरह देर रात तक चालू करने के पूरे प्रयास किए गए। यदि ऐसा नहीं हो पाया तो रविवार सुबह तक ही स्थिति सामान्य हो पाने की उम्मीद है। कोशिश यही है कि प्रभावित उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द बिजली मिल सके। इसके लिए मार्केट में जरूरत के साइज वाले इंट्रप्टर की तलाश की गई, लेकिन मिल नहीं सका। अब इस उपकरण को बाहर से मंगाया जा रहा है।
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