तिलहर। शुक्रवार को नगर पालिका, राजस्व विभाग और पुलिस की टीम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरूआत नगर के पूर्वी कोने से करते हुए तमाम दुकानों तथा कच्चे पक्के अतिक्रमण को हटाकर नाली से नाली तक सड़क खाली कराने की मुहिम शुरू की। प्रशासन द्वारा निष्पक्ष ढंग से हटाए जा रहे अतिक्रमण से प्रभावित होकर लोगों ने खुद अपनी दुकानों से अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया, लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निकट एक पक्के अतिक्रमण को हटाने के लिए खोखा फड़ वालों ने सड़क पर बैठ कर धरना तथा नारेबाजी शुरू कर दी। जब प्रशासन ने आवंटन से अधिक जगह पर अतिक्रमण पाए जाने पर टीन शेड को तुड़वा दिया तो व्यापारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों की निष्पक्ष कार्रवाई का समर्थन करते हुए खुद अपने टीन शेड और नाली पर रखे पटले हटा लिए।
नगर पालिका के निकट पहुंचने पर कुछ व्यापारियों ने एसडीएम तथा कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी पदम सिंह पर बिना चिन्हांकन किए अतिक्रमण हटाने का विरोध प्रकट किया और नारेबाजी तथा हुड़दंग करते हुए अतिक्रमण को चिन्हांकित करने के बाद अभियान चलाने की मांग की। इस पर एसडीएम ने व्यापारियों की मांग पर अतिक्रमण स्वयं नाली से नाली तक हटाने के लिए रविवार तक की मोहलत दे दी। बोले: सोमवार को पुन: अभियान चलेगा और स्टे तथा आवंटन को छोड़कर एक तरफ से अतिक्रमण हटाया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल, पीएसी मुस्तैद रही।
इस कार्रवाई में एसडीएम पदम सिंह, सीओ जलालाबाद आरएस मिश्रा, कोतवाल परवेज मियां, तहसीलदार ओएन वर्मा, नगर पालिका के प्रधान लिपिक सुशील बाबू सक्सेना, जेई सिविल सुभाष चन्द्र त्रिपाठी, जल कल अभियंता विद्यानिधि मिश्र, कर अधीक्षक गिरीश चन्द्र वर्मा, दीपक कुमार, अयूब अली आदि लोग मौजूद रहे।
... जब एसडीएम बिफरे
एक व्यापारी द्वारा बार-बार चिन्हांकन की मांग करने पर एसडीएम को गुस्सा आ गया और वह बोले नाली से नाली तक जगह स्वत: चिन्हांकित है। यदि सरकारी अभिलेखों के अनुसार चिन्हांकन होता है तो व्यापारियों को मंहगा पड़ सकता है।
व्यवधान डालने पर दर्ज होगा मुकदमा
शासन तथा कोर्ट के निर्देश पर चल रहे अभियान में बेबजह नेता गिरी कर अवरोध डालने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। संपूर्ण अभियान की वीडियोग्राफी कराई जा रही है। जो शासन को भेजी जाएगी। उक्त जानकारी पालिका सूत्रों ने दी।