भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी के हमले से सहमी आजादी
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। ‘जब से शुरू हुए हैं अंधेरों के सिलसिले, तब से जो सूर्य भक्त थे रातों से जा मिले, जनता की हिफाजत का करो कुछ तो इंतजाम, बढ़ते ही जा रहे हैं डकैतों के काफिले’ ये पंक्तियां हमारे आज के मुद्दे भ्रष्टाचार, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी जैसी ज्वलंत समस्याएं आम आदमी की स्वतंत्रता छीनने पर आमादा हैं।
भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी इतने कड़वे सच हैं जो हर कोई इनसे भली-भांति वाकिफ हैं और हरेक इसके चंगुल में फंसा हुआ नजर आता है। सही मायने में देखा जाए तो यही हमारी आजादी पर सीधा हमला कर रहे हैं। शायद ही कोई ऐसा सरकारी महकमा हो जहां भ्रष्टाचार की नफीरी की धुन पर फरियादी नाचता हुआ दिखाई न देता हो। अभी तक तो गलत काम के एवज में ही ‘पुष्प-पत्र’ अर्पित किए जाते थे, लेकिन अब दस्तूर बन गया है भ्रष्टाचार। सही काम कराने के लिए चढ़ावा चढ़ाना ही पड़ता है। मोहल्ला बाबूजई निवासी आसिफ खान ने बताया कि भ्रष्टाचार के कारण ही उनका प्लास्टिक फैक्ट्री खोलने का सपना मिट्टी में मिल चुका है।
रही बात महंगाई की सो सभी जानते ही हैं कि महंगाई ने रसोईघरों की दाल-सब्जी पतली कर रखी है। गृहणियों को रसोई का बजट बनाते पसीना आने लगता है। रसोई गैस की कीमतों की बात करें तो सिलेंडर हलके और बजट का बोझ भारी होता जा रहा है। डीजल-पेट्रोल के कीमतों ने वाहन चालकों की आजादी पर डाका डाला है, तो किसानों की धुक-धुकी भी बढ़ाई है। यानी हर ओर महंगाई का जिन्न मुंह फैलाए खड़ा नजर आता है।
महंगाई ने बेरोजगारों की फौज खड़ी करने में भी काफी मदद की है। नौकरी दूर की कौड़ी देख युवा स्वरोजगार करने की स्थिति में भी नहीं हैं। हालत यह है कि दो-चार लाख में कोई रोजगार भी नहीं हो सकता। हां, हल्की-फुल्की दुकान रखकर समय जरूर काटा जा सकता है। जरूरी नहीं कि यह दुकान आपका घर भी चला सके।
प्रवृत्ति बन गया है
भ्रष्टाचार: डॉ. मिश्र
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुरेश चंद्र मिश्र का कहना है कि जब से लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनेताओं और नौकरशाहों का गठजोड़ हुआ है, तब से भ्रष्टाचार एक प्रवृत्ति बन गया है और प्रवृत्ति बदलना इतना आसान नहीं होता। राजनीति के भ्रष्ट होने से आजादी प्रभावित होना स्वाभाविक है। देश की संपदा राजनीतिज्ञों और नौकरशाहों की गुलाम बन गई है, जिसका असर मंहगाई के रूप में सामने आ रहा है। बड़े घोटालों के आगे अब छोटे घोटाले किसी को चौंकाते नहीं हैं।
भ्रष्टाचार आजाद तो महंगाई
महाआजाद: मेहरोत्रा
बैंक कर्मी अतुल मेहरोत्रा कहते हैं कि अब आम आदमी आजाद है कहां? आज के समय में भ्रष्टाचार आजाद और महंगाई महाआजाद हुई है। रही बात बेरोजगारी की तो यह सौर ऊर्जा की तरह हो गई है, जो हर मौसम में अपना असर दिखा रही है। सभी की आजादी इन्हीं तीनों के आगे गिरवीं पड़ी दिखाई दे रही है। भ्रष्टाचार ही नहीं इसके तरीके भी बढ़े हैं। बोले: पिताजी के लाइसेंस को अपने नाम कराने में पैसे नहीं पड़े तो कई आयोजनों की रसीदें काट दी गईं।
आए दिन होता रहता है
भ्रष्टाचार से सामना: भूपेंद्र
व्यवसाई भूपेंद्र सिंह ने अपनी बात रखते हुए कहा कि आज आजादी के मायने ही बदल गए हैं। भ्रष्टाचार से सामना तो व्यापारियों को आए दिन होता रहता है। अब अगर उसका बखान करना शुरू कर दें तो मुसीबतें खड़ी हो जाएंगी और व्यापार में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। भ्रष्टाचार की नकेल में फंसा है व्यापारी समाज। रही बात मंहगाई की, तो इस पर बात करना भी फिजूल मालूम पड़ती है। ऐसा लगता है कोई चीज खरीदने नहीं अपनी जेब पर डाका डलवाने जा रहे हैं।
सिर्फ 324 लोगों को मिला रोजगार
शाहजहांपुर। एक ओर आजादी पर भ्रष्टाचार का डाका रोजगार के अवसर छीन रहा है, वहीं सरकारी महकमें सेवायोजन कार्यालय की उपयोगिता खत्म करने पर तुले हैं। इसके गवाह हैं विभाग के आंकड़े और सरकारी विभागों का बेरोजगारों के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैय्या।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार: कार्यालय में विभिन्न श्रेणियों के 74 हजार 944 बेरोजगार महिला-पुरुष पंजीकृत हैं। इनमें से 5474 बेरोजगारों ने इसी वर्ष एक जनवरी से अब तक रजिस्ट्रेशन कराए, लेकिन रोजगार मिला केवल 324 लोगोें को। वह भी सेवायोजन विभाग की मेहरबानी से आयोजित हुए विभिन्न कंपनियों के भर्ती मेलों के जरिए। इन मेलों में 846 पंजीकृत आवेदक शामिल हुए। जो सरकारी विभाग अभी तक विभिन्न संवर्गों के रिक्त पद भरने को इंप्लॉयमेंट आफिस डिमांड भेजते रहे, उनसे बेरोजगारों की मांग मिलनी बंद हो गई।
आजाद भारत में अभिव्यक्ति पर हमले (एडवाइजरी)
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देश के संविधान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को आम आदमी का मौलिक अधिकार बताया गया है, लेकिन कानून सम्मत यह आजादी कभी सरकार छीन लेती है तो कभी दबंग कहे जाने वाले असरदार लोग। सोशल मीडिया हो या फिर आरटीआई, इनके जरिए दिल की बात सार्वजनिक करने वालों पर हमले आम बात है। अगर आप पर भी ऐसी बीतने के बावजूद इंसाफ न मिला हो तो कृपया हमें आज दोपहर 12 से एक बजे के बीच टेलीफोन नंबर 7897738255 पर जरूर बताएं।