आरोपों की जांच के बाद कार्रवाई की मांग
शाहजहांपुर। गबन के मामले में दोषी पाए गए ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज किए जाने के बाद पुन: बहाल कर दिए जाने पर मिर्जापुर ब्लॉक के अस्तौली गांव से तमाम ग्रामीण शनिवार को मुख्यालय पर आकर डीएम राजमणि यादव और एडीएम वित्त व राजस्व प्रमोद श्रीवास्तव से मिले। ग्रामीणों ने दोनों अधिकारियों को पत्र देकर कमेटी के जरिए प्रधान के विरुद्घ फिर से जांच कराकर उचित कार्रवाई कराने की गुहार की।
अस्तौली निवासी अरविंद यादव, भोला यादव, दलवीर सिंह आदि ने आज राजपत्रित अवकाश होने पर अधिकारियों से आफीसर्स कालोनी स्थित उनके सरकारी आवासों पर जाकर भेंट की। अफसरों को ग्रामीणों ने बताया: गत वर्ष दो जुलाई को शपथ पत्र सहित ग्राम प्रधान के विरुद्घ सरकारी धन के गबन की शिकायत की। प्रकरण की जांच तत्कालीन जिला गन्ना अधिकारी हरिपाल सिंह और आरईएस के जेई प्रवीण कुमार ने संयुक्त रूप से की।
अफसरों को दिए पत्र में कहा गया है: जांच अधिकारियों को मौके पर तमाम अनियमितताएं मिलीं और विकास काय्र भी नहीं पाए गए। जांच रिपोर्ट में 27 विकास कार्यों का बिल्कुल होना नहीं पाया गया। यही नहीं, प्रधान कई मदों के खर्च संबंधी बिल बाउचर भी उपलब्ध नहीं करा सके। इसी रिपोर्ट के आधार पर ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए गए। बाद में तत्कालीन डीपीआरओ से प्रधान ने साठ-गांठ करके क्लीन चिट हासिल कर ली और वित्तीय अधिकार बहाल करा लिए।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से अनुरोध किया कि जनहित मेें प्रधान पर लगाए गए गंभीर आरोपों की कमेटी गठित कर जांच कराएं जिससे कि सत्यता सामने आने के साथ दोषी को सजा मिल सके। पत्र पर क्षेत्र पंचायत सदस्य गुड्डी यादव, करन यादव, शिव सहाय, अशोक कुमार, बहोरन लाल आदि के हस्ताक्षर हैं।