महंत ने भी अनशन समाप्त कराने का किया प्रयास
- महंत की मुचलका राशि जब्त करने को दिया पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। नैमिषारण्य की संपत्ति स्थानीय ऋषि आश्रम के महंत के खिलाफ दोबारा अनशन पर बैठी साध्वी प्रज्ञा भारती का पुत्र और उसकी पत्नी मनाने के लिए शुक्रवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। महंत के खिलाफ अनशन पर डटे रहने की जिद पर अड़ी साध्वी के बात न मानने की स्थिति में पुत्र का पारा चढ़ गया और उसने मां को कटोरा लेकर भीख मांगने तक की बात कह डाली। इससे पूर्व महंत ने भी साध्वी को समझाकर अनशन समाप्त कराने की कोशिश की।
शुक्रवार को साध्वी प्रज्ञा भारती उर्फ अन्नपूर्णा का अनशन समाप्त कराने और मामले को निपटाने की नीयत से ऋषि आश्रम के महंत चैतन्य मुरारी ने साध्वी को समझाने की कोशिश की तो वह भड़क गईं। साध्वी ने महंत को भला-बुरा कहते हुए नजरों को दूर जाने को कहा। बाद में साध्वी का पुत्र अनूप अवस्थी अपनी पत्नी सहित मां को मनाने के लिए अनशन स्थल पर पहुंचा। बात न बनने पर साध्वी के पुत्र ने उन्हें कटोरा लेकर भीख मांगने तक की बात कह डाली।
उधर, साध्वी ने महंत पर शांति भंग करने का आरोप लगाते हुए एक लाख रुपयों का मुचलका जब्त करने को नगर मजिस्ट्रेट को प्रार्थना-पत्र दिया। जिसमें कहा कि वह आश्रम में पूजा-पाठ कर रही थीं। महंत पर उन्होंने आश्रम में मारपीट कर बाहर निकालने का भी आरोप लगाया।
ऋषि आश्रम के महंत ने आरोप लगाया कि साध्वी अपने साथ में अराजक तत्वों को आश्रम ले आतीं हैं। इससे आश्रम में व्यवधान उत्पन्न होता है। कहा कि साध्वी को आश्रम से निकालने के लिए उन्हें नैमिषारण्य स्थित आश्रम से आदेश प्राप्त हुआ था। यदि साध्वी आश्रम से और स्थानीय शाखा के अध्यक्ष और सदस्यों से आज्ञा ले लेंती हैं, तो उन्हें आश्रम में रखने में कोई एतराज नहीं हैं। वह तो आश्रम के प्रबंधक मात्र हैं।
महंत ने आगे बताया कि स्थानीय ऋषि आश्रम की समिति में सतीश गुप्ता, धर्मपाल रैना, भुवनेश निझावन, डॉ. सत्यप्रकाश मिश्रा, अमरनाथ गुप्ता, मनन गुप्ता पदाधिकारी और राकेश मिश्रा अनुष्ठानकर्ता हैं।