फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एसओ मिर्जापुर सहित पांच पर रिपोर्ट दर्ज

Sat, 13 Jul 2013 05:32 AM IST
Shahjahanpur
विज्ञापन
विज्ञापन
पुवायां कोतवाली में लिखी गई रिपोर्ट, तीन सिपाही भी नामजद
विज्ञापन

- न्यायालय के नोटिस के बाद दर्ज की गई रिपोर्ट
- आदेश के पालन में देरी पर कोतवाली प्रभारी कोर्ट में तलब
- 25 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर देना होगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। मिर्जापुर थाने के एसओ सोनकर बाबू सहित पांच लोगों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर पुवायां थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। रिपोर्ट में तीन सिपाही भी नामजद कराए गए हैं। सभी पर रात में घर में घुसकर महिला और उसके पुत्र के साथ मारपीट करने, तोड़फोड़ और लूट का आरोप है।
गांव टकेली निवासी हुमला देवी ने कोर्ट में 156(3) के तहत प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि रमेश, श्रीराम, इंद्रजीत, गुड्डू, रेखा देवी, फूलमती उसी के गांव के हैं। ये लोग उसकी जगह पर जबरिया रास्ता बनाना चाहते थे। विरोध करने पर रंजिश मानने लगे और फर्जी मामले में फंसाने का प्रयास करने लगे। गत तीन मई को आधी रात के समय रमेश के साथ पुवायां कोतवाली में तैनात रहे दरोगा (वर्तमान में एसओ मिर्जापुर) सोनकर बाबू, सिपाही सुरेंद्र कुमार, धर्मेंद्र कुमार उसके घर आए और दरवाजा खोलने को कहा। उसने घर में अकेली होने की बात कहते हुए दरवाजा खोलने से इंकार कर दिया। इससे नाराज दरोगा और सिपाहियों ने दरवाजे को तोड़ दिया और घर में घुस आए। उससे गाली गलौज करते हुए सिपाहियों ने रायफल की बट से पीटना शुरू कर दिया, जिससे उसके कपड़े अस्त व्यस्त हो गए। दरोगा सोनकर बाबू ने सिपाही से रायफल लेकर कई बट उसकी जांघ पर मारी। शोर शराबा सुनकर 13 वर्षीय पुत्र सूरज बचाने आया तो उक्त ने उसे भी जमकर पीटा। पुलिस वालों ने घर में रखा आटा, दाल, चावल आदि भी उठाकर फेंक दिया। बक्से में रखी सोने की झुमकी, पायल, और 14 हजार 500 रुपये की नगदी भी लूट ली गई। पुलिसकर्मियों ने उसके पुत्र को जबरिया जीप में डाल लिया। काफी खुशामद करने पर लड़के को छोड़ा गया और कहा गया कि सुबह उसका आदमी थाने नहीं पहुंचा तो पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया जाएगा।
विज्ञापन

सुबह वह थाने रिपोर्ट दर्ज कराने गई तो उसे गाली-गलौज कर भगा दिया गया। 6 मई को एसपी को पत्र देने के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई तो उसने न्यायालय की शरण ली। पुलिस ने दरोगा सोनकर बाबू, सिपाही सुरेंद्र कुमार, धर्मेंद्र, अर्जुन और रमेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।


कोर्ट ने जारी किया नोटिस तो दर्ज हुई रिपोर्ट
पुवायां। हुमली देवी के आदेश पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 18 जून को विवेचना का आदेश दिया था। इसके बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच करने की जरूरत नहीं समझी। रिपोर्ट नहीं होने पर पीड़िता ने फिर कोर्ट की शरण ली तो 10 जुलाई को कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को कोर्ट ने अवमानना और कार्रवाई अग्रसारित किए जाने का स्पष्टीकरण मांगते हुए नोटिस जारी कर दिया। नोटिस जारी होने के अगले दिन ही पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली।
विज्ञापन



क्या लिखा है नोटिस में
पुवायां। न्यायालय से कोतवाली प्रभारी को जारी नोटिस में कहा गया है कि हुमली देवी के मामले में न्यायालय की ओर से 18 जून 13 को विवेचना किए जाने हेतु आदेश पारित किया गया था। किंतु अभी तक कोई आख्या न्यायालय को नहीं भेजी गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि आप जानबूझकर न्यायालय के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं जो खेदजनक है। अत: आप 25 जुलाई 13 को न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें कि क्यों न आपके विरूद्ध माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा ललित कुमारी बनात उत्तर प्रदेश सरकार व अन्य (2008) 3 सुप्रीम कोर्ट केसेस (कि) 17 में दी गई व्यवस्था के अनुसार कार्रवाई अग्रसारित की जाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें