फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजली कटौती फिर बेलगाम

Mon, 08 Apr 2013 05:30 AM IST
Shahjahanpur
विज्ञापन
विज्ञापन
दिन ढलने से आधी रात के बाद तक गुल रहती है बत्ती
विज्ञापन

- अंधेरे में डूबी रहती हैं शहर की कॉलोनियां और मोहल्ले
- जेट पंप और सबमर्सिबल बंद रहने से बढ़ा पानी का संकट
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। होली पर कटौती रहित बिजली सप्लाई का तोहफा शहर के लोगों के लिए अतीत का दिवास्वप्न साबित होने लगा है। गर्मी बढ़ने के साथ बिजली कटौती फिर से बेलगाम होने से शहरी बाशिंदे बेहाल होने लगे हैं। दिन ढलने के साथ आधी रात के बाद तक बत्ती गुल रहने से जहां एक ओर लोगों की नींद में खलल पड़ रहा है। वहीं शाम के बाद से जेट पंप और सबमर्सिबल बंद रहने से घरों में अगले दिन सुबह पानी का संकट पैदा हो रहा है।
पॉवर कारपोरेशन मुख्यालय ने गत वर्ष मई में बिजली संकट को मैनेज करने केलिए अन्य जनपदों की तरह अपने जिले में रोजाना तीन चरणों में सात घंटे की कटौती का रोस्टर लागू किया था। इसके तहत दो घंटे सुबह, दो घंटे शाम और चार घंटे तक दोपहर में पॉवर कट लागू किया गया। इसके विपरीत कटौती आठ से दस घंटे होती रही। सर्दी के सीजन में भी रोस्टरिंग का यही रोस्टर लागू रहा, लेकिन उसका पालन नहीं हो पाया।
विज्ञापन

यही नहीं, कटौती के बाद सप्लाई अवधि में कभी लाइन फाल्ट तो कभी ट्रांसफार्मर फुंकने से लोग बिजली संकट का सामना करते रहे। इससे निपटने को व्यापारिक और सामाजिक संगठनों ने बिजली अभियंताओं का घेराव प्रदर्शन किया। इससे छह घंटे का नया रोस्टरिंग शेड्यूल लागू किया गया, लेकिन उका पालन फिर भी नहीं हुआ। गत फरवरी में विभिन्न संगठनों ने कटौती में कमी लाने और होली पर भरपूर सप्लाई के साथ परीक्षाओं के मद्देनजर रात की कटौती पर रोक लगाने की मांग की।
इस बावत अधीक्षण अभियंता और प्रशासन ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम से पत्राचार किया तो सार्थक नतीजे सामने आए। त्योहार और उसके बाद एक सप्ताह तक कटौती नहीं हुई, लेकिन अब फिर से पॉवर सप्लाई पुराने ढर्रे पर आ गई है। कटौती के लिहाज से दोपहर में रियायत मिल रही, लेकिन शाम सात-आठ बजे के बाद गुल हुई बिजली आधी रात के बाद कब आएगी, कुछ कहा नहीं जा सकता।
विज्ञापन

इससे समाज केसभी वर्ग प्रभावित हैं। गृह परीक्षाओं की तैयारी में जुटे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है। विश्व विद्यालय परीक्षा की तैयारी में भी बाधा पड़ रही है। दिन ढलने के बाजारें सूनी पड़ जाती हैं। गर्मी बढ़ने के साथ मच्छरों की भरमार होने से दिन भर के थके-हारे कामकाजी लोग रात में चैन की नींद भी नहीं ले पा रहे। यही नहीं, अगले दिन सुबह पानी की टंकियां खाली मिलने पर उनकी दिनचर्या की शुरुआत भी अव्यवस्थित हो रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें