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पति समेत पूरे परिवार पर दहेज हत्या की रिपोर्ट

Sat, 01 Dec 2012 12:00 PM IST
Shahjahanpur
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नीलम यादव हत्याकांड
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- 25 लाख रुपये और फारचूनर कार मांगने का आरोप
- पति गिरफ्तार, बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर/ बरेली। मृतका नीलम यादव के भाई ने बरेली के बारादरी थाने में मृतका के पति सहित परिवार के सभी छह सदस्यों पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपी पति सुनील को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य सभी आरोपी फरार हैं। पुलिस ने उनकी तलाश में कई जगह छापेमारी की है।
शाहजहांपुर के कटिया टोला निवासी गिरंद यादव ने अपनी पुत्री नीलम यादव की शादी दो वर्ष पहले बरेली के रामवाटिका कॉलोनी निवासी सुनील के साथ की थी। गुरुवार शाम नीलम यादव की गोली लगने से मौत हो गई थी। नीलम के भाई राकेश यादव ने रिपोर्ट में नीलम के पति सुनील यादव, उसके पिता सोवरन सिंह, मां रज्जो देवी, भाई उमेश यादव, बहन किरन और सुमन को नामजद किया है।
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राकेश के मुताबिक नीलम की शादी में पिता गिरंद सिंह ने 18 लाख रुपये खर्च किए थे। 32 लाख का सामान भी दिया था। मगर नीलम के ससुराली संतुष्ट नहीं हुए और कुछ दिन बाद ही 25 लाख रुपये और फारचूनर कार मांगने लगे। मांग पूरी न होने पर नीलम के साथ मारपीट की जाने लगी। रिश्तेदारों की पंचायत भी हुई, लेकिन सुनील अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। 29 नवंबर की दोपहर नीलम ने मायके वालों को फोन पर पीटे जाने की सूचना दी थी। राकेश का आरोप है कि सुनील और उसके घर वाले ने पहले नीलम को पीटा। इसके बाद सुनील ने गोली मारकर हत्या कर दी।
उधर, बारादरी पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद सुनील को गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश शर्मा ने बताया कि सुनील बदायूं के शेखूपुर का मूल निवासी है। मुल्जिमों की तलाश में एक पुलिस टीम बदायूं भेजी गई है।


पोस्टमार्टम के साथ बिखर
गई आत्महत्या की कहानी
तो कोई टूटे हाथ से कैसे चला सकता है गोली
- बांयी कलाई थी टूटी, उस पर लगा था बैंडेज
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर/बरेली। नीलम यादव की मौत के मामले में पोस्टमार्टम होते ही पुलिस की सुसाइड की कहानी पूरी तरह से बिखर गई। विवाहिता के बांयी कनपटी पर गोली लगी थी और उसकी बांये हाथ की कलाई की हड्डी भी टूटी हुई थी। ऐसे में टूटे हाथ से कोई कैसे गोली चला लेगा। वहीं पिता का कहना है कि बेटी काम करने में प्रमुख रूप से दाहिने हाथ का इस्तेमाल करती थी। ये सारी बातें पति सुनील यादव को कटघरे में खड़ा करने के लिए काफी है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाया गया कि नीलम यादव की बांयी ओर कनपटी पर काफी नजदीक से गोली मारी गई है। गोली मारने में तमंचे का ही इस्तेमाल किया गया है। सिर पर कई जगह छर्रे लगने के भी निशान पाए गए है। इसके अलावा नीलम के बांये हाथ की कलाई की हड्डी टूटी हुई है। अंदेशा लगाया जा रहा है कि घटना से पहले उसके साथ काफी मारपीट की गई है। हाथ पर बैंडेज लगने के साथ ही विवाहिता को स्वेटर पहनाया गया था। मारपीट होने से शरीर पर कई जगह खरोंच के निशान भी पाए गए हैं।


315 बोर से नहीं निकलते छर्रे
शाहजहांपुर। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 315 बोर गोली से शरीर पर छर्रे नहीं लगते हैं। वहीं 12 बोर की गोली में तमाम छर्रे होते हैं जो शरीर लगते हैं। तमंचे का ट्रिगर काफी सख्त होने से नाजुक हाथ वह भी बाएं हाथ से उसे नहीं चलाया जा सकता। वो भी ऐसे हालात में जब कलाई की हड्डी टूटी हो।
इस बयान से साफ लग रहा है कि नीलम की मौत की वजह बने तमंचे को पुलिस बरामद ही नहीं कर पाई है। उसके सिर में छर्रे लगने की बात बताई जा रही है। वही मौके से पुलिस ने 315 बोर का तमंचा बरामद किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिस कमरे में लाश मिली थी उस कमरे में तमंचा नहीं मिला था। मामले में कई पेंच ऐसे हैं जो जांच का विषय है। कहीं ऐसा तो नहीं जिस तमंचे को पुलिस ने बरामद किया है वह घटना में प्रयुक्त ही न हुआ हो।
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शोकाकुल माहौल में हुई
नीलम की अंत्येष्टि
शाहजहांपुर। नीलम यादव का शव लेकर शुक्रवार शाम उसके पिता गिरंद यादव कटिया टोला स्थित आवास पर पहुंचे तो परिजन चीत्कार कर उठे।
यहां अंतिम संस्कार की तैयारियां दोपहर से शुरू हो गईं और इसी के साथ नीलम के घर केपास तमाम गमजदा लोगों का जमावड़ा जुटने लगा। बाद में लाल पुल स्थित खन्नौत तट की श्मशान भूमि पर हुए अंतिम संस्कार में भी भारी संख्या में शोकाकुल उमड़े। नीलम अपने पीछे मम्मी-पापा सहित दो भाइयों और छोटी बहन को रोता बिलखता छोड़ गई।
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