शाहजहांपुर। चीनी मिलों में पेराई सत्र तो शुरू होने के बाद भी गन्ने का समर्थन मूल्य घोषित नहीं किए जाने पर कांग्रेस कमेटी ने रोष व्यक्त किया है। कांग्रेसजनों ने गन्ने का मूल्य रु. 325.00 प्रति कुंटल घोषित किए जाने की मांग करते हुए राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन एडीएम प्रशासन राजाराम को सौंपा।
जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र दीक्षित के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा है कि इस क्षेत्र में गन्ना की पैदावार प्रमुख फसल के रूप में जानी जाती है जो किसानों का भविष्य निर्मित करती है लेकिन गन्ना किसानों को उनके गन्ना मूल्य का बकाया भुगतान समय से नहीं होने के कारण किसानों को खासी परेशानी झेलनी पड़ती है। साथ ही गन्ने की पैदावार में लागत मूल्य की तुलना में गन्ने का समर्थन मूल्य प्रदेश सरकार द्वारा घोषित नहीं किए जाने से किसानों का अहित हो रहा है।
ज्ञापन में कहा है कि मिलों में गन्ने की पेराई कार्य शुरू हो रहा है लेकिन अभी तक सरकारी तौर पर गन्ने का मूल्य घोषित नहीं किया गया है, जिससे किसानों में असंमजस की स्थिति बनी हुई है। कांग्रेस में गन्ने का समर्थन मूल्य रु. 325.00 रुपए प्रति कुंटल घोषित किए जाने की मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गत बसपा शासनकाल में जब गन्ने का समर्थन मूल्य 240 रुपए प्रति कुंटल घोषित किया गया था तो उस समय भी कांग्रेस ने तीन सौ रुपए प्रति कुंटल रेट घोषित करने की मांग की गई थी। ज्ञापन में कहा गया कि किसानों के हित सरंक्षण के लिए कांग्रेस संघर्ष का रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेगी और जरूरत पड़ने पर मुख्यालय आंदोलन करने को बाध्य होगी।
ज्ञापन देने वालों में पूर्व विधायक कोविद कुमार सिंह, कौशल मिश्रा, अनूप वर्मा, संजीव गुप्ता, विपिन त्रिपाठी, अखिलेश पाल, प्रशांत कठेरिया, शमशाद खां, गौरव, लक्ष्मीकांत, रोहित सिंह आदि शामिल रहे।