शाहजहांपुर। पूर्वांचल समुदाय की महिलाओं ने छठ पूजा के दूसरे दिन खरना विधि-विधान से मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने पूरे दिन उपवास रखकर रात को खीर और घी चुपड़ी रोटी से भगवान का भोग लगाया और प्रसाद ग्रहण किया।
खरना में महिलाएं पूरे दिन उपवास रखकर शाम को व्रत खोलती हैं। दिन में चावल की खीर और देशी घी से चुपड़ी रोटी का भोग भगवान को लगाया जाता है। यही प्रसाद घर के अन्य सदस्य ग्रहण करते हैं। इसकेबाद महिलाओं का 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाता है। तीसरे दिन शाम को व्रत में ही डूबते सूर्य की उपासना होती है और सूर्य देव को अर्घ्य देकर महिलाएं परिवार की सुख-शांति, पुत्र प्राप्ति और पति के दीर्घायु की कामना करती हैं। अगले दिन सुबह उगते सूर्य की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने केबाद ही व्रत का पारायण किया जाता है।