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कार-ट्रक की भिड़ंत मे दंपति की मौत

Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
Shahjahanpur
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शाहजहांपुर। बरेली मोड़ पर शनिवार को दोपहर के समय ट्रक और कार में भिड़ंत हो गई। ट्रक की टक्कर से कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार नवदंपति की मौत हो गई। चालक ट्रक छोड़ कर भाग गया। पुलिस दोनों वाहनों को चौकी ले आई।
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दुर्घटना शनिवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे टोल-टैक्स से कुछ आगे हुई। रोजा के आदर्श नगर निवासी आढ़ती पुनीत गुप्ता शनिवार को अपनी गर्भवती पत्नी शिवानी गुप्ता का उपचार कराने शहर के एक निजी नर्सिंग होम पर आए थे। शिवानी का उपचार कराने के बाद वे कार से रोजा लौट रहे थे। बरेली मोड़ स्थित टोल-टैक्स से कुछ आगे बढ़ते ही सामने से आ रहे ट्रक ने कार को टक्कर मार दी। ट्रक की टक्कर से कार के परखच्चे उड़ गए। इसमें सवार दंपति की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के तुरंत बाद चालक ट्रक छोड़ कर भाग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दंपति को कार से बाहर निकाला और जिला अस्पताल लेकर आई। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने ट्रक बरामद कर अजीजगंज चौकी पर खड़ा कर दिया है।
नौ माह पहले ही हुई थी पुनीत की शादी
आदर्श नगर रोजा के पुनीत गुप्ता की शादी नौ माह पहले ही शिवानी गुप्ता से हुई थी। नवदंपति काफी खुशहाल थे। परिजन भी खासे खुश थे। शिवानी गर्भ से थी, इसी सिलसिले में पुनीत उनका उपचार कराने के लिए शहर के एक निजी नर्सिंग होम में आए थे और उपचार कराने के बाद रोजा वापस लौट रहे थे। बरेली मोड़ पर ट्रक की टक्कर से दोनों की जान चली गई। उस मासूम की भी दुनिया में आने से पहले ही आंखे बंद हो गईं, जो शिवानी के कोख में पल रहा था। इसको लेकर परिजनों का रो-रोकर और बुराहाल है।
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जहां आनी थी खुशियां, है मातम वहां
रोजा। कल जिस घर में खुशियां आने वाली थीं, वहां मौत ने अपने पांव पसार दिए। जिस बहू और बेटे कोे घर में किलकारी देनी थीं देर शाम उन्हीं की लाशें आईं। यह देखकर पत्थर दिल कलेजा भी दहल उठा। हर कोई बेबस नजर आ रहा था।
अभी कोई आठ माह पहले यहां के आदर्श नगर निवासी रामदास और उर्मिला ने अपने बडे़ बेटे पुनीत की हरदोई के सराय थोक की शिवानी के साथ शादी की थी। पिता बाबूराम बर्तन वाले के न रहने पर उसके अस्सू और विस्सू सहित पांच भाइयों ने अपनी लाड़ली बहन को डोली पर बिठाकर विदा किया था।
बताया जाता है कि शिवानी के उपचार के लिए उसका पति पुनीत अपनी कार से उसे दिखाने के लिये शाहजहांपुर के एक नर्सिंग होम में ले गया था। घर से जाते समय मां उर्मिला ने उसकी सलामती की दुआ की थी और भविष्य के सपने संजोये थे क्योंकि आने वाले दिनों में शिवानी मां बनने वाली थी, लेकिन काल को रामदास, उर्मिला,पुनीत और शिवानी की खुशियां मंजूर नहीं थीं।
खबर पाते ही रामदास के घर में मातमी सन्नाटा पसर गया और परिजनों के विलाप से हर पत्थर दिल कलेजा दहल उठा। हरदोई से भाई लोग भी आ गए, लेकिन तक तक सब उजड़ चुका था। शिवानी और बहनोई पुनीत अस्पताल के मॉरचरी में निर्जीव पड़े थे। पुलिस अपने काम में व्यस्त थी। देर शाम दोनों के शव एक गाड़ी पर रोजा स्थित उनके आवास पर लाए गए तो एक बारगी ऐसा लगा कि मानों सब कुछ ठहर सा गया।
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आज होगा अंतिम संस्कार
हादसे का शिकार हुए पुनीत और शिवानी के परिजनों ने बताया कि दोनों का अंतिम संस्कार कल 18 नवंबर को किया जाएगा।
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