आज दीपावली पर सतरंगी छटा बिखेरेगी आतिशबाजी
- पिछली साल के मुकाबले आतिशबाजी 30 फीसदी मंहगी
- जीआईसी के खेल मैदान, शहीद द्वार मैदान में सजी दुकानें
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। धनतेरस की आपाधापी से निपटने के बाद सोमवार को आतिशबाजी खरीदने की बारी आई। आतिशबाजी का शौक बच्चों और युवाओं में अधिक देखा जाता है, इसलिए वे पूरी तैयारी केसाथ आतिशबाजों केप्रतिष्ठानों पर जा धमके और उन्होंने मनपसंद के आइटम खरीदकर दिवाली की तैयारियां पूरी कीं। हालांकि इस बार गत वर्ष के मुकाबले 30 फीसदी आतिशबाजी भी महंगी बिक रही है, बावजूद इसके खरीददारी जमकर हुई। यूं तो आतिशबाजी की छोटी-छोटी दुकानें गली-कूंचों में भी लगी हैं, लेकिन मुख्य रूप से राजकीय इंटर कॉलेज के खेल मैदान और टाउनहाल मार्ग स्थित शहीद द्वार मैदान में दुकानदारोें को दुकानें लगानेेेेे की अनुमति जिला प्रशासन ने दी है।
आतिशबाजी की दुकानों के लिए तमाम शर्तें भी लगाई गई हैं। दुकानदारों से उनका पालन कड़ाई से करने को कहा गया है, ताकि कोई अनहोनी न हो सके। सभी बड़ी दुुुुकानाें के समीप अग्निशमन यंत्र, पानी और रेत की व्यवस्था कराई गई है और कहा गया है कि किन्हीं कारणों से यदि आग लगती हैे तो तत्काल उसका उपयोग कर आग बुझाने का काम किया जाए और फायर स्टेशन को इत्तला दी जाए।
इस बार आतिशबाजी का मुख्य आकर्षण ज्वॉय-240, ज्वॉय-180, स्लोरा-100, स्टैंडर्ड पैराशूट आदि आइटम बने हुए हैं। आतिशबाजी के थोक विक्रेता मोेहम्मद नफीस बताते हैं कि स्टैंडर्ड पैराशूट की खासियत यह है कि वह पांच कलर में रोशनी देता हुआ आसमान में जाता है और बाद में पांच पैराशूट निकलते हैं, जो रात को भरपूर चमकतेेे हुए नीचे गिरते हैं। इसकी कीमत पांच सौ रुपए प्रति पैकेट है। इसी तरह 3600 रुपए की कीमत वाले ज्वॉय-240 की खासियत यह है कि यह 240 बार धुआंधार चलता है और इसमें सफेद रोशनी होती है।
इसी तरह ज्वॉय-180 और ज्वॉय-130 रंग-बिरंगी रोशनी देता है। इसकी कीमत क्रमश: तीन हजार और दो हजार रुपए है। बच्चों केलिए खास तरह की फुलझड़ी आई हुई है, जो रंग-बरंगी रोशनी के साथ सीटी भी बजाती है। इसकेअलावा बच्चों के लिए महताब, अनार, फिरकी, रंगीन माचिश आदि आइटम प्रमुख हैं। अग्नि शमन विभाग ने सावधानी बरतने केे लिए कई दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं, जिसमें मुख्य रूप से इन निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
आतिशबाजी चलाते समय क्या करें
- वैधानिक रूप से निर्मित पटाखे ही चलाएं।
- आतिशबाजी चलाते समय बच्चों के साथ बड़े भी रहें।
- पटाखों को समतल स्थानों पर रखकर ही चलाएं।
- पटाखे चलाते समय मोमबत्ती को लकड़ी में बांधकर प्रयोग करें।
- जलते हुए पटाखों से दूरी बनाएं रखे।
- आतिशबाजी चलाते समय बाल्टी में पानी समीप में ही भरकर रख लें।
- दीयों और मोमबत्तियों को ज्वलनशील पदार्थों से दूर रखें।
- आतिशबाजी चलाते समय मोटे और चुस्त कपड़े पहने।
आतिशबाजी चलाते समय क्या नहीं करें
-आतिशबाजी चलाते समय सिल्क-टेरालीन केवस्त्र नहीं पहने।
- ढीलेे कपड़े पहनकर भी आतिशबाजी नहीं चलाएं।
- जो पटाखे नहीं चल पाते हैं उन्हें उठाकर देखने का प्रयास न करें।
- घर केअंदर आतिशबाजी नहीं चलाएं।
- पटाखों को जेब में नहीं रखें।
- पटाखों को झुककर कभी न चलाएं।
- सार्वजनिक स्थान जैसे सड़क, गली आदि में आतिशबाजी न चलाएं।
- आतिशबाजी को जलते हुए दीयों और मोमबत्ती केसमीप न रखें।
- जलता हुआ पटाखा किसी केऊपर न फेकें।
- पेट्रोल पंप, तेल भंडार, आरा मशीन, पांडाल आदि केसमीप आतिशबाजी नहीं चलाएं।